जस्टिस देवन रामचंद्रन ने कहा कि हमें शराब नहीं पीने वाले लोगों खासतौर से महिलाओं और बच्चों को सुरक्षित और साफ-सुथरा माहौल देना है न कि शराब पीने वालों के लिए पांच सितारा सुविधाएं।
शराब की दुकानों की शिकायतों पर सुनवाई करते हुए केरल हाईकोर्ट ने मंगलवार को कहा कि इन दुकानों के बाहर लगी लंबी लाइन और इनमें खड़े लोग आम जनता जो शराब का सेवन नहीं करती के लिए मुसीबत का बड़ा स्रोत हैं। ऐसी तमाम शिकायतें हैं जिसमें शराब की दुकानों के बाहर कतार में खड़े लोगों ने वहां आसपास रहने वाले या वहां से गुजरने वालों का उत्पीड़न किया।
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जस्टिस देवन रामचंद्रन ने कहा कि हमें शराब नहीं पीने वाले लोगों खासतौर से महिलाओं और बच्चों को सुरक्षित और साफ-सुथरा माहौल देना है न कि शराब पीने वालों के लिए पांच सितारा सुविधाएं। हमारी चिंता उन लोगों के प्रति अधिक है जो शराब की दुकानों के बाहर खड़ी भीड़ से परेशान हैं और रोजमर्रा के जीवन में इस मुसीबत का सामना कर रहे हैं।
जज ने कहा, 'हमें शराब नहीं पीने वाले लोगों को इस असामाजिक परिदृश्य से छुटकारा दिलाना ही होगा।' राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि अगर और दुकानों को मंजूरी दी जाए तो मौजूदा 306 दुकानों पर से भीड़ कम हो सकती है। इसके अलावा इन दुकानों में बैठकर शराब पीने के प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है।