हाईकोर्ट ने एक तलाकशुदा महिला को बिना उसके पति की मंजूरी के उसकी नाबालिग बेटी का पासपोर्ट देने से इनकार करने वाले सहायक पासपोर्ट अधिकारी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
तलाकशुदा एकल अभिभावकों को बच्चों के यात्रा दस्तावेज दोबारा जारी कराने के लिए मुकदमेबाजी के लिए मजबूर करने वाले पासपोर्ट अधिकारियों को केरल हाईकोर्ट ने बृहस्पतिवार को कड़ी फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा, संबंधित अधिकारियों को व्यावहारिक व तर्कपूर्ण दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।
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हाईकोर्ट ने साथ ही एक तलाकशुदा महिला को बिना उसके पति की मंजूरी के उसकी नाबालिग बेटी का पासपोर्ट देने से इनकार करने वाले सहायक पासपोर्ट अधिकारी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। इस अधिकारी ने महिला को पासपोर्ट जारी करने के लिए कोर्ट का आदेश लाने को कहा था।
महिला की याचिका पर संज्ञान लेते हुए जस्टिस अमित रावल ने उक्त अधिकारी के रवैये को ज्यादती करार दिया। जज ने कहा, हमारे पास रोज ही ऐसे मामले आ रहे हैं जहां तलाकशुदा लोगों को पासपोर्ट अधिकारी उनके यात्रा दस्तावेज जारी करने के लिए अदालत के चक्कर काटने को मजबूर करते हैं। जबकि वह पहले ही कानूनी प्रक्रिया के तहत अलग हुए या तलाक लिया। यह रवैया ठीक नहीं है।