केरल उच्च न्यायालय ने विधायक केबी गणेश कुमार की याचिका शुक्रवार को खारिज कर दी। गणेश पर पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी को यौन उत्पीड़न मामले में झूठे तरीके से फंसाने की साजिश रचने का आरोप है। कथित साजिश रचने के आरोपी गणेश को हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा जब अदालत ने उनकी याचिका खारिज कर दी।
केरल के विवादास्पद सौर घोटाला मामले में हाईकोर्ट में न्यायमूर्ति पी वी कुन्हिकृष्णन ने याचिका खारिज की। अदालत ने कहा, इस मामले को जारी रखना न केवल "पूर्व मुख्यमंत्री की आत्मा" और उनके शोक संतप्त परिवार के लिए जरूरी है, बल्कि "याचिकाकर्ता" (विधायक गणेश कुमार) की ईमानदारी को साबित करने के लिए भी जरूरी है।
कांग्रेस कार्यकर्ता और वकील सुधीर जैकब ने कोट्टाराकारा प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत में याचिका दायर की। इसके बाद विधायक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। जैकब ने आरोप लगाया था कि गणेश कुमार और अन्य ने सौर जांच आयोग के समक्ष एक "फर्जी पत्र" पेश किया था जो कथित तौर पर सौर धोखाधड़ी मामले के मुख्य आरोपी ने लिखा था। पत्र में चांडी के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए गए थे।
विधायक गणेश कुमार की याचिका पर केरल उच्च न्यायालय ने कहा कि मजिस्ट्रेट ने गवाहों के शपथपूर्वक दिए गए बयानों को देखने के बाद अपराध का संज्ञान लिया था। न्यायमूर्ति कुन्हिकृष्णन ने एक आदेश में कहा, "पूर्व मुख्यमंत्री का निधन हो गया है। इस तरह का आरोप हवा में नहीं होना चाहिए क्योंकि उनकी आत्मा इसे माफ नहीं करेगी।"
आदेश में कहा गया, हमारे पूर्व मुख्यमंत्री की आत्मा को शांति मिले। अगर याचिकाकर्ता (कुमार) के खिलाफ ऐसा आरोप गलत है कि उन्होंने पूर्व सीएम के खिलाफ साजिश की, तो वह शिकायतकर्ता के खिलाफ दुर्भावनापूर्ण अभियोजन के लिए उचित कदम उठा सकते हैं।
अदालत ने कहा, कोर्ट की राय है कि इस मामले को आगे बढ़ाया जाना चाहिए और पूर्व मुख्यमंत्री की आत्मा के हित के लिए मुकदमा एक तार्किक निष्कर्ष पर पहुंचना चाहिए। यदि आरोप गलत हैं, तो यह याचिकाकर्ता की ईमानदारी साबित होगी।
इस बीच, कांग्रेस नेता और राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता वी डी सतीसन ने विधायक गणेश कुमार को मंत्रिमंडल में शामिल करने का विरोध किया। उन्होंने वाम मोर्चे से कहा कि केरल कांग्रेस (बी) नेता गणेश कुमार सत्तारूढ़ एलडीएफ के सहयोगी हैं। हालांकि, उन्हें कैबिनेट में शामिल नहीं किया जाना चाहिए।
सतीसन ने एक बयान में कहा कि उच्च न्यायालय ने कहा है कि गणेश कुमार को चांडी को झूठे रूप में फंसाने से जुड़े मामले में मुकदमे का सामना करना चाहिए। प्रदेश कांग्रेस प्रमुख के सुधाकरन ने उच्च न्यायालय के आदेश का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह पूर्व सीएम चांडी के लिए न्याय का मार्ग है, जिन्हें मामले में "फंसाया" गया था। सुधाकरन ने भी गणेश कुमार को मंत्री नहीं बनाए जाने की मांग की।
गौरतलब है कि केरल की कैबिनेट में 21 से अधिक सदस्यों को शामिल करने पर प्रतिबंध है, इसलिए एलडीएफ ने 2021 में एक ही विधायक वाले अपने चार सहयोगियों के साथ कार्यकाल के आधार पर मंत्री पद साझा करने का फैसला किया था। ऐसे में विधायक गणेश कुमार को दूसरे चरण में कैबिनेट में शामिल किये जाने की अटकलें लगाई जा रही हैं।