बता दें कि केरल में आरटी-पीसीआर परीक्षण की कीमतों को 1,700 रुपये से घटाकर 500 रुपये कर दिया था और इस कदम के लिए पिनाराई विजयन सरकार की काफी सराहना हुई थी।
केरल उच्च न्यायालय ने सोमवार को एक बड़ी टिप्पणी की। कोर्ट नेसत्तारूढ़ पिनाराई विजयन सरकार से कहा कि आरटी-पीसीआर परीक्षण करने के लिए कीमतों का निर्धारण करने के लिए राज्य में लैब मालिकों के साथ चर्चा की जाए। यह कहते हुए कोर्ट ने केरल सरकार के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें सभी प्रयोगशाला मालिकों को परीक्षण के लिए केवल 500 रुपये चार्ज करने के लिए कहा गया था।
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बता दें कि केरल में आरटी-पीसीआर परीक्षण की कीमतों को 1,700 रुपये से घटाकर 500 रुपये कर दिया था और इस कदम के लिए पिनाराई विजयन सरकार की काफी सराहना हुई थी। कोर्ट ने लैब मालिकों की ओर से दायर एक याचिका पर सुनवाई के बाद आदेश जारी किया। आदेश में कहा गया है कि 500 रुपये की दर बिना किसी चर्चा के तय की गई थी। इसके अलावा राज्य सरकार ने आईसीएमआर नियमों की अनदेखी करते हुए कीमतें तय की थीं।
याचिका में प्रयोगशाला मालिकों ने कोर्ट से कहा था कि जांच की कीमतें कम हैं, जिससे उन्हें नुकसान हो रहा है। कोर्ट ने राज्य सरकार से कहा है कि वह इस मामले को देखे और इस पर फैसला करे।