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Kerala: इधर एर्नाकुलम में एक के बाद एक धमाके, उधर गाजा में बमबारी खिलाफ प्रदर्शन में शामिल हुए सीएम विजयन

Sun, 29 Oct 2023 03:33 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अभी यह साफ नहीं है कि सीएम विजयन इस प्रदर्शन में ब्लास्ट की खबर आने से पहले पहुंचे या बाद में। हालांकि, न्यूज एजेंसी एएनआई की तरफ से जारी वीडियो में विजयन को एकेजी भवन के बाहर सीपीएम नेता सीताराम येचुरी और वृंदा करात के साथ प्रदर्शन में शामिल होते हुए देखा जा सकता है।
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केरल में गाजा पर बमबारी के खिलाफ सीपीएम के प्रदर्शन में पहुंचे सीएम विजयन। - फोटो : ANI
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विस्तार
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केरल के एर्नाकुलम के कालामसेरी में रविवार सुबह एक कन्वेंशन सेंटर में प्रार्थना सभा के दौरान कई ब्लास्ट हुए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, करीब 9 बजे हुए एक धमाके के बाद अगले एक घंटे में कई और धमाके हुए। इसमें एक व्यक्ति की जान गई है, जबकि कई और घायल हैं। हालांकि, जहां एक तरफ पुलिस इस घटना की जांच कर रही है, वहीं केरल सीएम पिनरई विजन और उनके साथ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) के नेता सीताराम येचुरी इस्राइल-हमास संघर्ष के खिलाफ दिल्ली में प्रदर्शन करते दिखे।
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न्यूज एजेंसी एएनआई की तरफ से जारी वीडियो में विजयन को एकेजी भवन के बाहर सीपीएम नेता सीताराम येचुरी और वृंदा करात के साथ प्रदर्शन में शामिल होते हुए देखा जा सकता है। प्रदर्शन में रखे गए पोस्टर्स में लिखा गया, "गाजा में इस नरसंहारी आक्रामकता को रोका जाए।"

प्रदर्शन में क्या बोले केरल सीएम
सीएम पिनरई विजयन ने इस प्रदर्शन के दौरान कहा, "हम यहां फलस्तीनी लोगों के खिलाफ अमानवीय नरसंहार और भारत सरकार की तरफ से इस्राइल को दिए गए समर्थन के खिलाफ प्रदर्शन करने आए हैं। भारत सरकार का रुख अपनी जमीन के लिए लड़ रहे फलस्तीन के लोगों के लिए हमारी नीति का सीधा उल्लंघन है। यह चौंकाने वाली बात है कि भारत सरकार इस मामले में संयुक्त राष्ट्र में वोटिंग में भी शामिल नहीं हुई, जिससे अमेरिका और इस्राइल को समर्थन मिला।"
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उधर सीपीएम नेता सीताराम येचुरी ने कहा, "पूरी केंद्रीय समिति ने इस्राइल की तरफ से फलस्तीनी लोगों के खिलाफ गाजा पट्टी में की जा रही बर्बरता का विरोध करने के लिए प्रदर्शनों का आयोजन किया है। फलस्तीन में 8000 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं। सभी संचार माध्यम बंद हैं। कितने शव मलबे में दबे हैं, इसका सिर्फ अनुमान ही है। यह अमानवीय है। इसे रोकना होगा। संयुक्त राष्ट्र को मानवता के नाते नियम लागू कराने होंगे।
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