केरल कोविड विशेषज्ञ समिति के सदस्य डॉ, अनीश
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डॉ. अनीश ने कहा कि आईसीएमआर के सीरो सर्वे को देखने पर पता चलता है कि केरल में संक्रमण की दर 42 फीसदी रही, जो सबसे कम है। हम यह मान सकते हैं कि केरल में संक्रमण की असल संख्या कम रही है। राष्ट्रीय औसत के अनुपात में केरल ने अधिक लोगों का टीकाकऱण किया है। उन्होंने कहा कि हर्ड इम्यूनिटी की स्थिति तक पहुंचने में केरल 23 फीसदी अंक पीछे है।
राज्य कोविड समिति के सदस्य डॉ. अनीश ने आगे कहा कि इनमें वायरस से संक्रमण का खतरा अधिक होता है और इस 23 फीसदी की रक्षा करने का एक तरीका भारत के अन्य हिस्सों की तुलना में राज्य में बहुत अधिक दर के साथ बड़े पैमाने पर लोगों का टीकाकरण करना है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को चाहिए कि केरल को अधिक मात्रा में कोरोना रोधी टीके उपलब्ध कराए।
वहीं, राज्य में कोरोना के बढ़ते मामलों को लेकर केरल यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष शफी परम्बिल ने कहा कि यहां कोविड से लड़ने की रणनीति में कुछ गड़बड़ है। हम मांग कर रहे हैं कि उन्हें पूरी जानकारी देनी चाहिए। हम हाथ मिलाएंगे। कोरोना की स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्रालय की प्रतिक्रिया राजनीतिक होती है। यहां जनता को उसके अधिकारों से वंचित किया जा रहा है।
राज्य के स्वास्थ्य विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटों के दौरान केरल में कोरोना वायरस संक्रमण के 22,056 नए मामले दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा इसी अवधि में 17,761 मरीज ठीक हुए तो 131 संक्रमितों की मौत हो गई। राज्य में कोरोना के सक्रिय मामलों की संख्या अब एक लाख 49 हजार 534 हो गई है। यहां अभी तक 31 लाख 60 हजरा 799 लोग इस बीमारी को मात दे चुके हैं।