Kerala: केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने रविवार को राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान पर जानबूझकर निजी हमले करने और राज्य के खिलाफ 'नकारात्मक अभियान' चलाने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री ने राज्यपाल के उस आरोप पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा था कि विजयन ने उनके पत्र का जवाब देने में 27 दिन की देरी की।
केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने रविवार को राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान पर जानबूझकर निजी हमले करने और राज्य के खिलाफ 'नकारात्मक अभियान' चलाने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री ने राज्यपाल के उस आरोप पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा था कि विजयन ने उनके पत्र का जवाब देने में 27 दिन की देरी की। विजयन ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने विधानसभा द्वारा पारित विधेयकों पर विचार न करने की आदत पर चिंता जताई है।
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विजयन ने राज्यपाल को लिखे एक पत्र में कहा कि उन्होंने केरल में किसी भी तरह की अवैध गतिविधियों का जिक्र नहीं किया है। इसलिए, सार्वजनिक रूप से इस तरह की 'गलत धारणाओं' को दोहराना राज्य और उसके निवासियों को बदनाम करने के लिए निरंतर नकारात्मक अभियान का हिस्सा है। उन्होंने कहा, मुझे खेद है कि आपके बार-बार बिना सबूत वाली मीडिया खबरों पर भरोसा करने का मकसद, केवल किसी न किसी तरीके से गलत आरोपों के लिए समर्थन हासिल करना है।
मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि उन पर किए गए व्यक्ति हमलों के खिलाफ उन्हें सख्त विरोध और असहमति जतानी पड़ी। उन्होंने कहा, सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है। विजयन ने यह भी कहा कि उन्होंने कहा था कि सोने की तस्करी देश के खिलाफ एक अपराध है, क्योंकि यह देश की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करती है और संघ व राज्य को उसके वैध कर राजस्व से वंचित करती है।
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मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा जब्त किया गया सोना शायद वह था, जिस पर कस्टम ड्यूटी नहीं चुकाई गई थी और यह हवाई अड्डों पर कस्टम अधिकारियों की जांच से बच गया था। उन्होंने कहा कि सोने की तस्करी को रोकने के लिए कार्रवाई करना विशेष रूप से केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में है।
विजयन ने कहा कि पुलिस द्वारा जब्त किए गए सोने और नकदी की जानकारी उनकी आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है और इस पर मीडिया को भी जानकारी दी गई है। उन्होंने कहा, मैंने न तो कुछ ज्यादा कहा है और न ही कुछ कम। अब इसे जानबूझकर गलत तरीके से समझा जा रहा है। ऐसे तरीके जिसे मैंने कभी सोचा भी नहीं था।
पत्र में मुख्यमंत्री ने राज्यपाल के उस दावे पर भी जवाब दिया कि उन्होंने दस सितंबर को अपने पत्र का जवाब देने में 27 दिन की देरी की। विजयन ने कहा कि उन्होंने सात अक्तूबर को अपने पत्र में इस देरी के स्पष्ट कारण बताए थे।