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Karnataka: मतपत्रों से कर्नाटक में निकाय चुनाव कराने की सिफारिश, शिवकुमार ने पूछा- BJP को क्यों हो रही चिंता?

Fri, 05 Sep 2025 02:01 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू।

सार

Karnataka: कर्नाटक सरकार ने स्थानीय निकाय चुनाव बैलेट पेपर से कराने की सिफारिश की है, जिस पर उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने कहा कि यह राज्य सरकार का फैसला है। उन्होंने कहा कि कानून में ईवीएम या बैलेट दोनों विकल्प दिए गए हैं और भाजपा सरकार के समय भी यही प्रावधान था।
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कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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कर्नाटक सरकार ने राज्य चुनाव आयोग को स्थानीय निकाय चुनाव मतपत्रों (बैलेट पेपर) से कराने की सिफारिश की है। इस पर उप मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने कहा कि यह राज्य सरकार का फैसला है, इससे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को क्यों चिंता हो रही है? स्थानीय निकाय चुनाव कराने का अधिकार सरकार को है और यह कानून में भी स्पष्ट है। उन्होंने आगे कहा, जब भाजपा की सरकार थी, तब भी यही कानून था। कानून के अनुसार, चुनाव बैलेट पेपर या ईवीएम दोनों में से किसी से भी कराए जा सकते हैं। हमारी सरकार ने तय किया है कि स्थानीय चुनाव बैलेट पेपर से कराए जाएंगे। 
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लोकसभा चुनावों से जुड़े मुद्दों पर उन्होंने कहा, हमने उस मामले की पूरी जांच की है, लेकिन अभी मैं उस पर कुछ नहीं कहूंगा। राज्य, संसद या विधानसभा चुनावों को लेकर जो भी फैसला करना है, वह केंद्रीय चुनाव आयोग करे। लेकिन राज्य सरकार का यह फैसला सिर्फ स्थानीय निकाय चुनावों के लिए है। 
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शिवकुमार ने कहा, यह एक राजनीतिक फैसला है जो हमने लिया है। हम अपनी बैलट प्रणाली में भरोसा रखते हैं। सरकार को राज्य चुनाव आयोग को सिफारिश करने का अधिकार है और आयोग वही करेगा। उन्होंने कहा, जब भाजपा सरकार ने संशोधन पारित किया था, तब भी उन्होंने लिखा था कि चुनाव ईवीएम या बैलेट किसी से भी कराए जा सकते हैं। हमने बैलेट को चुना है। इसमें गलत क्या है? इसमें कुछ भी गलत नहीं है। 
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मुडा मामले पर शिवकुमार ने कहा कि पी. एन. देसाई की अध्यक्षता वाले जांच आयोग ने मुख्यमंत्री और उनके परिवार को कथित मुडा (मैसूर शहरी विकास प्राधिकरण) घोटाले में क्लीन चिट दे दी है। इस पर बीजेपी की आलोचना को लेकर उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि भाजपा अपने मिशन में असफल हो गई है। जब वे खुद ही नाकाम हो गए, तो अब क्या कह सकते हैं? वे हार स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। इसलिए यह उनके मुंह पर तमाचा है। शिवकुमार ने कहा कि भाजपा ने राजनीतिक मकसद से आरोप लगाया और अब सच्चाई सबके सामने आ चुकी है।

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