कर्नाटक के मंत्री केएस ईश्वरप्पा के दिए बयान पर सियासी घमासान छिड़ गया है। केएस ईश्वरप्पा के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस नेताओं ने आज कर्नाटक विधानसभा में राष्ट्रीय ध्वज लेकर विरोध प्रदर्शन किया। वहीं, सदन में सीएम बसवराज बोम्मई ने कहा कि कांग्रेस द्वारा ध्वज संहिता का उल्लंघन किया जा रहा है क्योंकि वह सदन में राष्ट्रीय ध्वज का विरोध प्रतीक के रूप में उपयोग कर रही है।
सिद्धारमैया बोले, ईश्वरप्पा को मंत्रालय में रहने का हक नहीं
प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता सिद्धारमैया ने इस मामले पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि लाल किले पर झंडा फहराने की कोशिश करने वाले किसानों के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया गया था। इसी तरह कर्नाटक के मंत्री केएस ईश्वरप्पा के खिलाफ उनके बयान के लिए देशद्रोह का मामला दर्ज किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मंत्री ईश्वरप्पा ने देश के खिलाफ जाकर यह बयान दिया कि वे लाल किले पर भगवा झंडा फहराएंगे। मुख्यमंत्री को तुरंत उन्हें कैबिनेट से हटाना चाहिए। उन्हें मंत्रालय में रहने का कोई अधिकार नहीं है।
सीएम बोले, कांग्रेस ने किया तिरंगे का अनादर
कर्नाटक के सीएम बसवराज ने कहा कि उन्होंने (कांग्रेस) सदन के वेल में राष्ट्रीय ध्वज का प्रयोग किया। एक ध्वज कोड है, इसका उपयोग कैसे करना है, इसका उपयोग कहां करना है, हमें इसका सम्मान के साथ उपयोग करना होगा। कांग्रेस ने ध्वज कोड का उल्लंघन किया है। लोग इसे देख रहे हैं। कांग्रेस एक जिम्मेदार विपक्षी दल के रूप में कार्य करने में विफल रही है।
उन्होंने कहा, ईश्वरप्पा ने स्पष्टीकरण जारी किया है। उन्होंने यह नहीं कहा कि भगवा झंडा तुरंत लाल किले पर फहराया जाएगा, लेकिन अगले 300 या 500 वर्षों में होगा। उन्होंने कहा कि ऐसा हो भी सकता है और नहीं भी। उन्होंने यह भी कहा कि हमने राष्ट्रीय ध्वज को स्वीकार कर लिया है और किसी को भी इसका अनादर नहीं करना चाहिए।
सीएम बोम्मई ने कहा कि वे चुनिंदा रूप से उनके बयान का एक हिस्सा ही बता रहे हैं, और राज्य और विधानसभा में लोगों को गुमराह कर रहे हैं। कानूनी तौर पर ईश्वरप्पा ने कोई गलती नहीं की है और न ही उनके खिलाफ कोई कार्रवाई की जा सकती है।
ईश्वरप्पा ने दिया था- लाल किले पर भगवा झंडा फहराने वाला बयान
भाजपा के वरिष्ठ नेता और कर्नाटक के ग्रामीण विकास और पंचायत राज मंत्री केएस ईश्वरप्पा ने बुधवार को बड़ा बयान दिया। उन्होंने दावा किया कि भगवा झंडा भविष्य में राष्ट्रीय ध्वज बन सकता है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि तिरंगा राष्ट्रीय ध्वज है और इसका सभी को सम्मान करना चाहिए।
ईश्वरप्पा ने कहा कि सैकड़ों साल पहले भगवान रामचंद्र और मारुति के रथों पर भगवा झंडे थे। क्या तब हमारे देश में तिरंगा झंडा था? अब यह हमारा राष्ट्रीय ध्वज है, इसलिए इसे पूरा सम्मान देना चाहिए। इसके बारे में कोई भी सवाल नहीं उठा सकता है। जो इसका सम्मान नहीं करते हैं, वे देशद्रोही होंगे।
जब उनसे पूछा गया कि क्या लाल किले पर भगवा झंडा फहराया जा सकता है? उन्होंने जवाब दिया कि आज नहीं, शायद भविष्य में किसी दिन। आज देश में 'हिंदू विचार' और 'हिंदुत्व' पर चर्चा हो रही है। एक समय लोग हंसते थे जब हम कहते थे कि अयोध्या में राम मंदिर बनेगा, क्या हम इसे अभी नहीं बना रहे हैं? उसी तरह कुछ भविष्य में समय, 100 या 200 या 500 वर्षों के बाद भगवा ध्वज राष्ट्रीय ध्वज बन सकता है। मुझे नहीं पता।