फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

FATF: आतंकी गतिविधियों पर लगाम लगाने में नाकाम पाकिस्तान, एफएटीएफ की ब्लैक लिस्ट में जाना लगभग तय

Wed, 16 Feb 2022 07:14 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद

सार

पाकिस्तान जून 2018 में एफएटीएफ की ग्रे लिस्ट में शामिल हुआ था। तब से लेकर अब तक वह इस लिस्ट में बना हुआ है। एफएटीएफ ने आतंकवादी गतिविधियों की वित्तीय मदद न रोक पाने के लिए पाकिस्तान को कई बार चेतावनी भी जारी की है।
विज्ञापन
पाकिस्तान से संचालित आतंकी संगठनों ने भारत को निशाना बनाना जारी रखा है। - फोटो : Social Media
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पाकिस्तान ने आतंकवाद का समर्थन करने के अपने रुख में अब तक कोई बदलाव नहीं किया है। अब उसे अपने इस रवैये की बड़ी कीमत चुकानी पड़ सकती है। दरअसल, फ्रांस की आतंकरोधी संस्था फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) की बैठक जल्द ही होने वाली है। इसमें पाकिस्तान में जारी आतंकी गतिविधियों को लेकर चर्चा होनी है। माना जा रहा है कि पहले से ही एफएटीएफ की ग्रे लिस्ट में शामिल पाकिस्तान इस साल संस्थान की ब्लैक लिस्ट में शामिल हो सकता है। यानी उसकी वित्तीय स्थितियां अब और बिगड़ने के आसार हैं। 
विज्ञापन


एफएटीएफ की शर्तें पूरी करने में नाकाम इमरान सरकार
पाकिस्तान जून 2018 में एफएटीएफ की ग्रे लिस्ट में शामिल हुआ था। तब से लेकर अब तक वह इस लिस्ट में बना हुआ है। एफएटीएफ ने आतंकवादी गतिविधियों की वित्तीय मदद न रोक पाने के लिए पाकिस्तान को कई बार चेतावनी भी जारी की। इसके बावजूद इमरान सरकार अब तक आतंकवाद के लिए अपनी जमीन के इस्तेमाल को नहीं रोक पाया है। 

अब ब्लैक लिस्ट में शामिल होने का खतरा क्यों?
ग्लोबल स्ट्रैट व्यू नाम की एक पत्रिका ने अपने विश्लेषण में कहा है कि पाकिस्तान की ओर से बीते दिनों में कई ऐसी हरकतें हुई हैं, जिनकी वजह से उस पर ब्लैक लिस्ट में जाने का खतरा बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तान सरकार अब तक आतंकियों को रोकने में नाकाम ही नहीं हुई है, बल्कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) जैसे इस्लामिक संगठनों को बढ़ावा भी दे रही है। 
विज्ञापन


ब्लैक लिस्ट में शामिल हुआ पाकिस्तान तो क्या आएंगी दिक्कतें?
पाकिस्तान पहले ही एफएटीएफ की ग्रे लिस्ट में शामिल है। इसके चलते पाक को आयात, निर्यात के क्षेत्र में नुकसान उठाना पड़ा है। वहीं, उसे विदेशी मदद पाने में भी खासी दिक्कतें आई हैं। इसके चलते पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और इमरान सरकार को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) से लेकर चीन और अरब देशों के सामने हाथ फैलाना पड़ रहा है। 

अब अगर आतंकवाद की मदद के लिए पाकिस्तान को ब्लैक लिस्ट किया गया, तो उस पर आर्थिक जुर्माने लगाए जाएंगे। इसके अलावा उस पर आर्थिक प्रतिबंध और सख्त कर दिए जाएंगे। इससे 2008 से 2019 के बीच अपनी अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा गंवा चुके पाकिस्तान की हालत और खराब हो जाएगी। 
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें