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कर्नाटक: लगातार पांचवें दिन रोडवेज कर्मियों की हड़ताल जारी, बस सेवाएं प्रभावित, परेशान हुए यात्री

Sun, 11 Apr 2021 01:58 PM IST
दीप्ति मिश्रा पीटीआई, बंगलुरु

सार

कर्नाटक में  लगातार पांचवें दिन रविवार को वेतन संबंधी मांगों को लेकर सड़क परिवहन निगम (आरटीसी) के कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रही। 
 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कर्नाटक में  लगातार पांचवें दिन रविवार को वेतन संबंधी मांगों को लेकर सड़क परिवहन निगम (आरटीसी) के कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रही। ऐसे में राज्य के अधिकतर हिस्सों में बस सेवाएं प्रभावित हुईं, जिसके चलते यात्रियों को खासा परेशानी का सामना करना पड़ा। 

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कनार्टक के चार परिवहन निगमों के कर्मचारी छठे वेतन आयोग के अनुसार वेतन देने की मांग कर रहे हैं, इसे लेकर सरकार और उनके बीच गतिरोध बना हुआ है। अधिकतर कर्मचारी काम पर नहीं आ रहे हैं, जिसके चलते बसें सड़कों से नदारद हैं और यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने शनिवार शाम कर्मचारियों से काम पर वापस लौटने की अपील की। साथ ही उन्होंने यह साफ कर दिया कि छठे वेतन आयोग की रिपोर्ट को लागू करने की उनकी मांग को पूरा किया जाना संभव नहीं है। येदियुरप्पा ने कहा, ''मैं सभी परिवहन कर्मियों से हाथ जोड़कर आग्रह करता हूं कि किसी के बहकावे में आकर हठ नहीं करें। पिछले साल, जब निगम के पास आपका वेतन देने के लिए पैसे नहीं थे, तब कोविड-19 से जुड़ी परेशानियों के बावजदू हमने सरकारी कोष के 2300 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कर अपका वेतन दिया था।''

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यात्रियों को परेशानी न हो इसके लिए किए ये प्रबंध

हड़ताल के कारण लोगों को हो रही असुविधा को दूर करने के मकसद से सरकार ने प्राइवेट बस संचालकों की सेवाएं लेकर और कुछ विशेष ट्रेनें चलाने का प्रबंध किया। निजी बसें, मिनी बसें, मैक्सी कैब और अन्य परिवहन वाहन भी राज्य के कई हिस्सों में चलते नजर आए। मेट्रो ने भी अपनी सेवाएं बढ़ाकर सुबह सात बजे से रात नौ बजे तक कर दी है। कई प्राइवेट संचालकों ने बताया कि अधिकतर यात्रियों को अब भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

सख्ती से पेश आने की धमकी के बाद लौटे कुछ कर्मचारी
सूत्रों ने बताया कि आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम (एस्मा) लगाने की धमकी के बाद आरटीसी के कुछ कर्मचारी काम पर लौट आए और कुछ स्थानों पर बसें सड़कों पर चलीं। मुख्यमंत्री ने बताया कि 85 प्रतिशत सरकारी राजस्व, सरकारी कर्मचारियों के वेतन, अलग-अलग प्रकार की पेंशन का भुगतान करने और अन्य गैर-योजना व्यय पर खर्च किया जाता है और विकास कार्यों के लिए केवल 15 प्रतिशत ही बचता है।

नौ में से आठ मांगें सरकार ने मानी
उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में परिवहन कर्मियों को हठ नहीं करना चाहिए, हमने नौ में से आठ मांगे मान ली हैं। अगर उन आठ मांगों से जुड़ी कोई समस्या है, तो मैं उसका समाधान करने और आपको उसका लाभ दिलवाने के लिए काम करने को तैयार हूं। मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों से काम पर वापस लौटने की अपील भी की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि परिवहन विभाग जनता की सेवा के लिए काम करता है। मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों से कहा कि इस बात पर विचार करें कि क्या ऐसे में हठ करना सही है जब लोग परेशानी का सामना कर रहे हैं।
 
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