हड़ताल के कारण लोगों को हो रही असुविधा को दूर करने के मकसद से सरकार ने प्राइवेट बस संचालकों की सेवाएं लेकर और कुछ विशेष ट्रेनें चलाने का प्रबंध किया। निजी बसें, मिनी बसें, मैक्सी कैब और अन्य परिवहन वाहन भी राज्य के कई हिस्सों में चलते नजर आए। मेट्रो ने भी अपनी सेवाएं बढ़ाकर सुबह सात बजे से रात नौ बजे तक कर दी है। कई प्राइवेट संचालकों ने बताया कि अधिकतर यात्रियों को अब भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सख्ती से पेश आने की धमकी के बाद लौटे कुछ कर्मचारी
सूत्रों ने बताया कि आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम (एस्मा) लगाने की धमकी के बाद आरटीसी के कुछ कर्मचारी काम पर लौट आए और कुछ स्थानों पर बसें सड़कों पर चलीं। मुख्यमंत्री ने बताया कि 85 प्रतिशत सरकारी राजस्व, सरकारी कर्मचारियों के वेतन, अलग-अलग प्रकार की पेंशन का भुगतान करने और अन्य गैर-योजना व्यय पर खर्च किया जाता है और विकास कार्यों के लिए केवल 15 प्रतिशत ही बचता है।
नौ में से आठ मांगें सरकार ने मानी
उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में परिवहन कर्मियों को हठ नहीं करना चाहिए, हमने नौ में से आठ मांगे मान ली हैं। अगर उन आठ मांगों से जुड़ी कोई समस्या है, तो मैं उसका समाधान करने और आपको उसका लाभ दिलवाने के लिए काम करने को तैयार हूं। मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों से काम पर वापस लौटने की अपील भी की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि परिवहन विभाग जनता की सेवा के लिए काम करता है। मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों से कहा कि इस बात पर विचार करें कि क्या ऐसे में हठ करना सही है जब लोग परेशानी का सामना कर रहे हैं।