कर्नाटक में जारी हिजाब विवाद के बीच राज्य से निदर्लीय लोकसभा सांसद सुमलता अंबरीश ने प्रियंका गांधी वाड्रा पर पलटवार किया है। उन्होंने संसद भवन के बाहर समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा कि युवाओं के बीच जहर घोलने के लिए काफी राजनीति की जा रही है। हमारे बीच कई तरह के ईमानदार और प्रभावित लोग हैं। मुद्दे की बात यह है कि आप बीच या पूल पर तो बिकिनी पहन सकते हो, पर स्कूल में इसकी इजाजत नहीं दी जा सकती। हर जगह के लिए खास कोड होते हैं और हमें इसका ही पालन करना करना होता है। उन्होंने कहा कि यदि उस विशेष कॉलेज या स्कूल में शुरू से ही कुछ दिशानिर्देश हैं, तो यह मुद्दा अभी क्यों उठा है? छात्रों के भविष्य से कौन खेल रहा है?
क्या कहा था प्रियंका ने?
इससे पहले प्रियंका ने बुधवार को कहा कि महिलाएं बिकिनी पहनें या हिजाब, यह उनकी पसंद है। इस मामले में किसी को सलाह देने का कोई अधिकार नहीं है। प्रियंका ने ट्वीट कर लिखा, 'बिकिनी पहनें, घूंघट पहनें, जींस पहनें या फिर हिजाब, यह महिलाओं का अधिकार है कि वह क्या पहनें और यह अधिकार उसे भारत के संविधान से मिला है। भारत का संविधान उसे कुछ भी पहनने की गारंटी देता है। इसलिए महिलाओं को प्रताड़ित करना बंद करें।'
मलाला ने भी की अपील
वहीं, मामले में नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मलाला युसुफजई ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने महिलाओं को पढ़ने से वंचित नहीं करने की अपील की। इस बीच अफगानिस्तान में सत्तारूढ़ तालिबान ने भी इस पर अपनी राय रखते हुए कहा कि अफगानिस्तान में महिलाओं को पर्दे में ही रहना होगा।