कर्नाटक में शुरू हुए हिजाब विवाद पर भाजपा सांसद हेमा मालिनी ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बुधवार को कहा कि स्कूल शिक्षा के लिए होते हैं और धार्मिक मामलों को वहां नहीं ले जाया जाना चाहिए। हेमा मालिनी ने आगे कहा कि हर स्कूल की एक यूनिफॉर्म होती है जिसका सम्मान किया जाना चाहिए। आप स्कूल के बाहर जो चाहे वह पहन सकते हैं।
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इसके साथ ही केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने भी इस विवाद को लेकर कहा कि किसी भी संस्थान के ड्रेस कोड, अनुशासन और गरिमा बनाए रखने संबंधी निर्णय को सांप्रदायिक रंग देना भारत की समावेशी संस्कृति के खिलाफ साजिश है। देश के सभी संस्थानों-सुविधाओं पर अल्पसंख्यक समाज का बराबरी का अधिकार है।
स्कूल और कॉलेजों में हिजाब पहनने को लेकर मचे विवाद के बीच आज कर्नाटक हाईकोर्ट में फिर सुनवाई हुई। वकीलों की दलील सुनने के बाद जस्टिस कृष्णा दीक्षित की एकल पीठ ने इस मामले को बड़ी बेंच के पास भेज दिया है। अब बड़ी बेंच इस मामले पर आगे की सुनवाई करेगी। सीएम बसवराज बोम्मई ने सबसे शांति बनाए रखने की अपील की है।