मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार ने मंगलवार को मैसूर जिला मुख्यालय शहर में प्रसिद्ध चामुंडेश्वरी मंदिर में पूजा की, जहां कांग्रेस अध्यक्ष एम मल्लिकार्जुन खरगे इस कार्यक्रम में इस योजना की शुरुआत करेंगे।
सिद्धारमैया ने अपने गृह जिले मैसूर में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि कम से कम 1.1 करोड़ परिवारों की महिला प्रमुखों को हर महीने 2,000 रुपये दिए जाएंगे। सरकार ने चालू वित्त वर्ष में 'गृह लक्ष्मी' कार्यक्रम के लिए 17,500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
गृह लक्ष्मी योजना कांग्रेस की पांच चुनाव पूर्व 'गारंटी' में से एक है। मई में हुए विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने भाजपा को सत्ता से बाहर कर दिया था। यह पूछे जाने पर कि क्या गारंटी को लागू करना एक चुनौती है, मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसा नहीं है। राजनीतिक इच्छाशक्ति होनी चाहिए। हमारी पार्टी और सरकार में राजनीतिक इच्छाशक्ति है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्षी दल आरोप लगा रहे हैं कि सरकार गारंटी को लागू नहीं कर पाएगी और इससे वित्तीय दिवालियापन आ जाएगा। लेकिन हम उन्हें सफलतापूर्वक लागू कर रहे हैं। सिद्धरमैया ने सोमवार को कहा था कि इस महत्वाकांक्षी योजना की शुरुआत के मौके पर आयोजित होने वाले सार्वजनिक कार्यक्रम में करीब एक लाख लोग जुटेंगे।
उन्होंने जोर देकर कहा था कि यह एक सरकारी समारोह होगा जिसमें राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा सदस्य राहुल गांधी भी शामिल होंगे। उन्होंने कहा था कि यह पार्टी का कार्यक्रम नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा था कि राज्य सरकार पहले ही पांच में से तीन गारंटी - 'शक्ति', 'गृह ज्योति' और 'अन्न भाग्य' को लागू कर चुकी है। पांचवीं 'युवा निधि' योजना है जो राज्य के युवाओं को बेरोजगारी भत्ता प्रदान करने का वादा करती है।