मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने बुधवार को मीडिया से कहा, मैंने एक उच्चस्तरीय आयोग के गठन का आदेश दिया है, जिसके अध्यक्ष के रूप में हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश होंगे।
कर्नाटक सरकार 50 करोड़ रुपये से अधिक की सभी सार्वजनिक परियोजनाओं के निविदा प्रस्तावों की मंजूरी के लिए एक आयोग का गठन करेगी। आयोग की अध्यक्षता हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश करेंगे और इसमें दो सदस्य बतौर विशेषज्ञ होंगे।
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साथ ही सरकार ने मंत्रियों या अधिकारियों के मौखिक निर्देश के आधार पर काम शुरू करने पर रोक लगाने का आदेश भी दिया है। ठेकेदार संतोष पाटिल की 11 अप्रैल को उडुपी के एक होटल में आत्महत्या के बाद ये कदम उठाए गए हैं।
मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने बुधवार को मीडिया से कहा, मैंने एक उच्चस्तरीय आयोग के गठन का आदेश दिया है, जिसके अध्यक्ष के रूप में हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश होंगे। साथ ही एक वित्तीय विशेषज्ञ व एक तकनीकी विशेषज्ञ इसके सदस्य होंगे। आयोग का गठन कर्नाटक में सार्वजनिक खरीद में पारदर्शिता अधिनियम (केटीपीपीए) के तहत किया जाएगा।
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उन्होंने कहा, 50 करोड़ रुपये से ऊपर की सभी निविदाएं आयोग के पास जाएंगी, जो केटीपीपीए के प्रावधानों के अनुसार अनुमान लागत और निविदा की स्थिति की समीक्षा करेगी। हर अनुमान लागत को 15 दिन में मंजूरी दी जाएगी।