कर्नाटक के सरकारी विभागों में अब किसी भी कागज या बातचीत में ‘दलित’ शब्द का उपयोग नहीं किया जाएगा। अमूमन देश के सभी राज्यों में अनुसूचित जाति के लोगों को ‘दलित’ कहकर ही संबोधित किया जाता है। लेकिन राज्य सरकार ने एक सर्कुलर जारी करते हुए इस शब्द का उपयोग किसी भी मामले, सौदेबाजी, सर्टिफिकेटों आदि में नहीं किए जाने का आदेश अपने सभी विभागों और मंत्रालयों को दिया है।
राज्य सरकार ने यह भी कहा है कि केंद्र सरकार पहले ही अनुसूचित जाति व जनजाति के लोगों के लिए ‘हरिजन’ और ‘गिरिजन’ शब्दों के उपयोग पर रोक लगा चुकी है। इसलिए इन शब्दों का उपयोग भी ‘दलित’ शब्द के स्थान पर नहीं होना चाहिए। सर्कुलर में यह भी कहा गया है कि कर्नाटक सरकार भी 2010 में ही इन शब्दों का उपयोग नहीं करने के लिए आदेश जारी कर चुकी है।