के आर रमेश कुमार (फाइल फोटो)
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कर्नाटक विधानसभा के पूर्व स्पीकर और कांग्रेस विधायक के रमेश कुमार ने गुरुवार को महिलाओं को लेकर जो शर्मनाक बयान दिया उसे लेकर बवाल जारी है। विपक्षी नेताओं ने उनके बयान को लेकर उन पर हमला बोला है और उनकी बर्खास्तगी की मांग की है। स्मृति ईरानी, जया बच्चन और प्रियंका चतुर्वेदी समेत कई महिला नेताओं ने इस पर नाराजगी जताई है। चतुर्वेदी ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। दिल्ली की एक गैर सरकारी संस्था ने उनके बयान पर मुकद्मा तक दर्ज कराया है। पीपल अगेंस्ट रेप इन इंडिया संस्था की अगुआई करने वाली सामाजिक कार्यकर्ता योगिता भयाना ने ट्वीट कर कहा है कि बेशर्म विधायक की यह टिप्पणी सामूहिक दुष्कर्म के नौ साल पूरे होने के दिन आई है।
क्या था मामला
रमेश कुमार ने गुरुवार को सदन में चर्चा के दौरान स्पीकर से कहा कि जब रेप होना ही है, तो लेटो और मजे करो। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इससे भी ज्यादा शर्म की बात यह थी कि जब रमेश कुमार यह बोल रहे थे तब स्पीकर विश्वेश्वर हेगड़े कागेरी भी इस पर कार्रवाई करने के बजाय हंसते नजर आए। हालांकि विधायक केआर रमेश कुमार ने दुष्कर्म पर भद्दी और अश्लील टिप्पणी को लेकर माफी मांगी है। रमेश कुमार ने सोशल मीडिया पर माफी मांगते हुए कहा कि अपराध को छोटा करने का उनका इरादा नहीं था।
प्रतिकात्मक तस्वीर
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ऐसे बयानों से रेप को बढ़ावा मिलता है
सेंटर फॉर सोशल रिसर्च की निदेशक रंजना कुमारी का कहना है कि हैरानी की बात है कि हमारे जनप्रतिनिधि इस तरह का घ़ृणित बयान दे रहे हैं। ऐसा करके वे रेप को बढ़ावा दे रहे हैं। बोलते समय यह तो सोचना चाहिए था कि उनके घर में भी महिलाएं हैं। जन प्रतिनिधि चाहते ही नहीं कि रेप जैसे गंभीर अपराध पर लगाम लगे, यदि वे ऐसा चाहते तो वे इस तरह के जघन्य अपराध के लिए इतना असंवेदनशील बयान नहीं देते।
कुछ नेताओं की असली मानसिकता झलकी
रंजना कुमारी के मुताबिक जनप्रतिनिधियों की एक पूरी पीढ़ी औरतों का सम्मान करना नही जानती और हमारे कुछ नेता औरतों को एक वस्तु की तरह समझते हैं। कर्नाटक विधानसभा में जो हुआ वहां कुछ नेताओं की असली मानसिकता झलकी, क्योंकि जब कांग्रेस विधायक बोल रहे थे तो विधानसभा अध्यक्ष भी हंस रहे थे। महिला मंत्री या अन्य पदों पर बैठी महिलाओं का रुख देखकर भी कहा जा सकता है कि जैसे देश में कुछ हो ही नहीं रहा है।
निर्भया की मां
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महिलाओं के सम्मान को चोट पहुंचाते नेता
देश में महिलाएं सुरक्षित नहीं मानी जाती हैं। महिलाओं, लड़कियों और यहां तक कि छोटी बच्चियों तक को यौन उत्पीड़न का शिकार बनाया जा रहा है। साल 2020 में देश भर में दुष्कर्म के कुल 28 हजार 46 मामले दर्ज किए गए। ऐसे समय में, आप उम्मीद करते हैं कि सत्ता में बैठे लोग महिला सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाएंगे या कम से कम हर दिन सामने आने वाले भयावह मामलों के बारे में बात करते हुए संवेदनशील होंगे। इसके उलट वे असंवेदनशील बयान देकर न केवल दुष्कर्म पीड़िताओं की भावनाओं को चोट पहुंचाते हैं, बल्कि एक तरह से दुष्कर्म जैसे गंभीर अपराध को सही ठहराते हैं।
वहीं कुछ पीड़ित को दोष देना पसंद करते हैं। महिलाओं और खासकर रेप पर विवादित बयानों पर गौर करें तो पाएंगे कि ऐसा बयान देने वाले नेता किसी खास पार्टी के नहीं होते, बल्कि ऐसी सोच वाले नेता हर पार्टी में हैं। यहां तक कि सपा के पूर्व अध्यक्ष और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव तक रेप के मामले में ‘लड़के से गलती हो जाती है’ वाला बयान दे चुके हैं।
वोट देने में महिलाएं आगे, चुने सही नेता
रंजना कुमारी कहती हैं ये हाल उस देश का है जहां महिलाएं अब वोट देने के लिए सबसे ज्यादा घरों से निकल रही हैं। 2019 लोकसभा चुनाव के पहले चार चरणों में महिलाओं ने वोट देने के मामले में पुरुषों को पीछे छोड़ दिया है। उन्होंने खुलकर मतदान के अपने अधिकार का इस्तेमाल किया है। इसलिए अब महिलाओं को देखना चाहिए कि वे किस तरह के सांसद या विधायक चुन रही हैं।
विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर हम रेप और यौन हमलों को लेकर नेताओं के कुछ पुराने बयानों को निकाल कर लाए हैं।
पिता प्रणब मुखर्जी के साथ अभिजीत मुखर्जी (फाइल फोटो)
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सुंदर महिलाएं डेंट और पेंट की गई थीं
2012 में दिल्ली में हुए भीषण सामूहिक दुष्कर्म यानी निर्भया कांड के बाद जब पूरा देश सदमे और गुस्से में था, राजधानी में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हो रहे थे, तब राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के बेटे अभिजीत मुखर्जी अपनी टिप्पणियों की वजह से घिर गए। उन्होंने कहा कि विरोध प्रदर्शन में भाग लेने वाली महिलाएं सुंदर महिलाएं थीं जो डेंट और पेंट की गई थीं।
लड़कियों की कम उम्र में शादी कर देनी चाहिए
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला ने 2012 में खाप पंचायत के उस विचित्र सुझाव का समर्थन किया था जिसमें कहा गया कि महिलाओं के लिए विवाह योग्य आयु सीमा समाप्त कर दी जानी चाहिए और लड़कियों की जल्द से जल्द शादी कर दी जानी चाहिए। ऐसे ही रेप की घटनाओं को कम करना संभव है।
वोट की इज्जत बेटी की इज्जत से बड़ी
जदयू के पूर्व नेता शरद यादव ने भी एक बार महिलाओं को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी थी। एक बार उन्होंने कहा था 'वोट की इज्जत आपकी बेटी की इज्जत से ज्यादा बड़ी होती है। अगर बेटी की इज्जत गई तो सिर्फ गांव और मोहल्ले की इज्जत जाएगी लेकिन अगर वोट एक बार बिक गया तो देश और सूबे की इज्जत चली जाएगी।'
मुलायम सिंह यादव
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लड़के हैं, गलतियां हो जाती हैं
अप्रैल 2014 में, एक सामूहिक दुष्कर्म मामले में दोषी ठहराए गए तीन लोगों को मौत की सजा का विरोध करते हुए, समाजवादी पार्टी सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने कहा था, ‘लड़के हैं, लड़कों से गलतियां हो जाती हैं’। उन्होंने यहां तक कहा कि लड़कियों की लड़कों से दोस्ती हो जाती है और जब वे लड़ते हैं और मतभेद होते हैं तो वे इसे रेप कहते हैं।
महिलाओं को भी मिले सजा
2014 में, सपा के प्रदेश अध्यक्ष अबू आजमी ने दुष्कर्म पीड़ितों को लेकर बेहद आपत्तिजनक बयान दिया। उन्होंने कहा, ‘अगर कोई महिला (दुष्कर्म के मामले में) पकड़ी जाती है, तो उसे और लड़के दोनों को सजा मिलनी चाहिए। भारत में, दुष्कर्म के लिए मौत की सजा है, लेकिन जब शादी के बाहर सहमति से संबंध बनते हैं तो महिलाओं के खिलाफ कोई मौत की सजा नहीं होती है’। हालांकि बाद में उन्होंने सफाई दी और कहा कि मैंने कभी नहीं कि दुष्कर्म पीड़ित लड़की को दंडित किया जाना चाहिए। मैंने कहा कि दुष्कर्मी को दंडित किया जाना चाहिए।
यह कभी-कभी होता है, कभी नहीं
2014 में बदायूं में दुष्कर्म की एक जघन्य घटना के बाद, भारत के कुछ सबसे वरिष्ठ राजनेताओं की ओर से असंवेदनशील टिप्पणियों की भरमार थी। इसी क्रम में एमपी के तत्कालीन गृह मंत्री बाबूलाल गौर को यह कहते सुना गया था कि रेप एक सामाजिक अपराध है जो पुरुषों और महिलाओं पर निर्भर करता है। कभी-कभी यह सही होता है, कभी-कभी यह गलत होता है।
निर्भया केस
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चुनाव के बाद यह अपराध कर लेते
महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री आरआर पाटिल ने रेप को लेकर 2014 में एक विवादित बयान दिया। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2014 से तीन दिन पहले एनसीपी नेता आरआर पाटिल ने सांगली में एक रैली में कहा कि ‘जब मैंने यहां (सांगली) लोगों से बात की, तो उन्होंने मेरा समर्थन किया। जब मैंने लोगों से इसका कारण पूछा तो उन्होंने कहा कि मनसे का उनका उम्मीदवार दुष्कर्म के आरोप में जेल में है। जिस पर मैंने जवाब दिया कि 'अगर उन्हें इस सीट से चुनाव लड़ना था और विधायक बनना था, तो उन्हें चुनाव के बाद यह अपराध करना चाहिए था’।
खुलेआम दी थी रेप की धमकी
2014 के चुनाव में अभिनेता और टीएमसी सांसद तापस पॉल पर अपने विरोधियों की महिलाओं को दुष्कर्म की धमकी देने का आरोप लगा। पाल ने कहा, "अगर विपक्ष में से यहां है, या उनकी पत्नियां और बहनें यहां हैं, तो सुनो। अगर तुम लोगों ने टीएमसी में किसी को छूआ तो मैं तुम्हें नष्ट कर दूंगा। मैं उन्हें नहीं छोड़ूंगा। मैं अपने लड़कों को भेजूंगा और वे रेप करेंगे।