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कन्हैया ने थामा 'हाथ': बोले-कांग्रेस नहीं बची तो देश नहीं बचेगा, जिग्नेश मेवानी अभी नहीं हुए शामिल

Tue, 28 Sep 2021 06:50 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

कन्हैया कुमार भाकपा छोड़कर कांग्रेस में आए हैं। उनके साथ गुजरात के निर्दलीय विधायक जिग्नेश मेवानी भी कांग्रेस में शामिल होने वाले थे, लेकिन वह फिलहाल वैचारिक रूप से ही पार्टी से जुड़े हैं, औपचारिक रूप से बाद में शामिल होंगे।
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कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात करते कन्हैया कुमार व जिग्नेश मेवानी - फोटो : pti
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विस्तार
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आखिरकार कन्हैया कुमार मंगलवार को कांग्रेस में शामिल हो गए, लेकिन जिग्नेश मेवानी अभी शामिल नहीं हुए हैं। उन्होंने कहा कि वे वैचारिक रूप से कांग्रेस के साथ हैं। देशभर में कांग्रेस के लिए काम करेंगे। कन्हैया कुमार ने कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल व रणदीप सुरजेवाला की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ली। इससे पहले कन्हैया कुमार व मेवानी ने राहुल गांधी से मुलाकात की।

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हाथ थामने से पहले शहीदे आजम पार्क में मिलन
इससे पहले भाकपा नेता कन्हैया कुमार व गुजरात के विधायक जिग्नेश मेवानी शहीदे आजम भगत सिंह को श्रद्धांजलि देने पहुंचे। उसी वक्त कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी दिल्ली के आईटीओ स्थित शहीदे आजम भगत सिंह पार्क पहुंचे। यहां उनकी राहुल गांधी से मुलाकात हुई। उन्होंने राहुल गांधी को पगड़ी बांधी।


कांग्रेस देश की सबसे लोकतांत्रिक पार्टी :  कन्हैया
कन्हैया कुमार ने कांग्रेस मुख्यालय में पत्रकारों से चर्चा में कहा, 'इस देश के लाखों-करोड़ों नौजवानों को ये लगने लगा है कि अगर कांग्रेस नहीं बची तो देश नहीं बचेगा। हम कांग्रेस पार्टी में इसलिए शामिल हुए हैं क्योंकि कांग्रेस गांधी की विरासत को लेकर आगे चलेगी। मैं कांग्रेस में इसलिए शामिल हो रहा हूं क्योंकि मुझे ये महसूस होता है कि देश में कुछ लोग सिर्फ लोग नहीं हैं, वो एक सोच हैं। वो देश की सत्ता पर न सिर्फ काबिज हुए हैं, देश की चिंतन परंपरा, संस्कृति, मूल्य, इतिहास, वर्तमान, भविष्य खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। कांग्रेस वो पार्टी है जो गांधी, नेहरू, भगतसिंह, मौलाना आजाद के विचारों को आगे लेकर चलती है। यह देश की सबसे पुरानी पार्टी है। सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी को नहीं बचाया गया तो छोटी-छोटी कश्तियां भी नहीं बचेंगी। हमने कांग्रेस का चुनाव किया है, क्योंकि ये देश की सबसे लोकतांत्रिक पार्टी है।

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आरएसएस पर साधा निशाना
कन्हैया कुमार ने आरएसएस पर नाम लिए बगैर निशाना साधते हुए कहा कि ये कैसा परिवार है, हमें घर-परिवार के साथ रहकर ही संघर्ष छेड़ना है। देश में वैचारिक संघर्ष का नेतृत्व कांग्रेस ही कर सकती है। कुछ लोग देश का भविष्य खराब करना चाहते हैं। विपक्ष कमजोर होता है तो सत्ता तानाशाह हो जाती है।

अगला चुनाव कांग्रेस के टिकट पर लडूंगा: मेवानी
कांग्रेस मुख्यालय पहुंचे गुजरात के निर्दलीय विधायक मेवानी ने कहा-'वैचारिक रूप से कांग्रेस में शामिल हो गया हूं। अभी औपचारिक रूप से कांग्रेस में शामिल नहीं हुआ हूं। अगला चुनाव कांग्रेस के टिकट पर ही लड़ूंगा। लोकतंत्र और आइडिया आफ इंडिया को बचाने के लिए मैं ऐसी पार्टी के साथ होना चाहता हूं, जिसने आजादी के आंदोलन का नेतृत्व किया और अंग्रेजों को देश के बाहर निकाला। इसलिए मैं आज कांग्रेस के साथ हूं।'

तकनीकी कारणों से जिग्नेश का औपचारिक प्रवेश टला
जिग्नेश मेवानी ने बताया कि वह तकनीकी कारणों से अभी कांग्रेस में शामिल नहीं हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि वह निर्दलीय विधायक हैं, यदि वह पार्टी में शामिल होते हैं तो वह विधायक नहीं रह सकेंगे।

अभिव्यक्ति की आजादी के संघर्ष के प्रतीक हैं कन्हैया: वेणुगोपाल
कांग्रेस दफ्तर में कन्हैया कुमार का स्वागत करते हुए कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने कहा कि वह देश में अभिव्यक्ति की आजादी के संघर्ष के प्रतीक हैं। कन्हैया कुमार ने छात्र नेता रहते हुए कट्टरपंथी ताकतों से लड़ाई लड़ी। उनके कांग्रेस में शामिल होने से समूची पार्टी उत्साह से भर जाएगी।
 
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एक और एक ग्यारह की आवाज बनेगी: सुरजेवाला
कन्हैया कुमार का स्वागत करते हुए कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि कन्हैया कुमार और जिग्नेश मेवाणी ने लगातार मोदी सरकार और हिटलरशाही की नीति के खिलाफ संघर्ष किया। हमारे इन साथियों को लगा कि ये आवाज़ और बुलंद हो पाएगी जब ये कांग्रेस और राहुल गांधी की आवाज़ में मिलकर एक और एक ग्यारह की आवाज़ बन जाएगी।

कन्हैया की निजी आकांक्षाएं रही होंगी: डी राजा
भाकपा महासचिव डी राजा ने कहा है कि कन्हैया कुमार ने मेरी पार्टी से खुद को निष्कासित कर लिया। भाकपा जाति व वर्ग रहित समाज के लिए संघर्ष कर रही है। कन्हैया की निजी आकांक्षाएं व उम्मीदें रही होंगी। यह साबित करता है कि उसका वामपंथी व कामकाजी वर्ग की विचारधारा में कोई विश्वास नहीं है।

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