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महाराष्ट्र: महात्मा गांधी के खिलाफ बयान देने के मामले में कालीचरण को मिली जमानत

Fri, 28 Jan 2022 01:44 AM IST
Jeet Kumar पीटीआई, थाणे

सार

अदालत ने कालीचरण महाराज से कहा कि वह पुलिस को जांच में सहयोग करें और पुलिस को अपना आवासीय पता और संपर्क विवरण दें ताकि उनसे बात की जा सके
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संत कालीचरण - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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धर्म संसद में महात्मा गांधी पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर फंसे हिंदू धर्मगुरु कालीचरण महाराज को ठाणे की एक अदालत ने जमानत दे दी है। न्यायिक मजिस्ट्रेट एसवी मेटिल पाटिल ने 15,000 रुपये मुचलके पर महाराज को रिहाई का आदेश दिया।

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कालीचरण को धर्मसंसद में अभद्र भाषण देने के मामले में पिछले हफ्ते ठाणे पुलिस ने छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में गिरफ्तार किया था। इसके बाद कालीचरण महाराज को बाद में 14 दिन के लिए अदालत ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। जिसके बाद उन्होंने जमानत के लिए आवेदन किया था।

अदालत ने कालीचरण से कहा कि वह पुलिस को जांच में सहयोग करें और पुलिस को अपना आवासीय पता और संपर्क विवरण दें ताकि उनसे बात की जा सके। महाराज के खिलाफ ठाणे शहर के नौपाड़ा पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज है।
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जमानत के लिए वकीलों ने दिया तर्क
साधु कालीचरण महाराज के वकील पप्पू श्रीराम मोरवाल और समृद्धि धवन पाटिल ने उनकी जमानत के लिए तर्क दिया कि जिन घटनाओं के लिए कालीचरण महाराज को गिरफ्तार किया गया, वे रायपुर और पुणे में हुई थीं, न कि ठाणे में। इसलिए, उन्हें ठाणे की जेल में रखने की आवश्यकता नहीं है।

इससे पहले, पिछले साल 26 दिसंबर को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में महात्मा गांधी के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणियों के लिए रायपुर पुलिस ने कालीचरण महाराज को गिरफ्तार किया था। इसके बाद 12 जनवरी को महाराष्ट्र की वर्धा पुलिस ने इसी तरह के एक मामले में गिरफ्तार किया था।

साथ ही महाराष्ट्र की पुणे पुलिस ने भी कालीचरण महाराज को गिरफ्तार किया था। पुणे पुलिस ने 'शिव प्रताप दिन' कार्यक्रम के दौरान 19 दिसंबर 2021 को भड़काने वाला भाषण देने के आरोप में पकड़ा था। यह कार्यक्रम 1659 में शिवाजी महाराज द्वारा आदिलशाही के कमांडर अफजल खान के वध की याद में मनाया गया था। हालांकि, पुणे की एक अदालत ने कालीचरण महाराज को जमानत दे दी थी जिसके बाद उसे रायपुर जेल भेजा गया। वर्धा पुलिस ने एक पेशी वारंट जमा करके रायपुर से महाराज को गिरफ्तार किया था।

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