लोकसभा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 बुधवार को विस्तृत चर्चा के बाद पास हो गया है। इसके पक्ष में 454 और विरोध में दो वोट पड़े। अब पूरे देश की निगाह राज्यसभा पर होगी, जहां यह विधेयक कल यानी गुरुवार को पेश किया जाएगा और इस पर चर्चा की जाएगी। इससे पहले आज लोकसभा में चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कुछ तथ्य रखे, जिसका केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने जवाब दिया। इस दौरान जब तथ्यों का सिलसिला शुरू हुआ तो बात 1952 तक गई। आइए विस्तार से जानते हैं...
पहले जानिए राहुल ने क्या कहा?
राहुल ने कहा कि इस देश में केंद्र सरकार में 90 सचिव हैं और उनमें से सिर्फ तीन ही अन्य पिछड़ा वर्ग से हैं और यही पांच फीसदी लोग बजट को कंट्रोल करते हैं। यह ओबीसी समुदाय का अपमान है।
अर्जुन राम मेघवाल ने क्या कहा?
जब मेघवाल ने बोलना शुरू किया तो उन्होंने कहा कि 1992 की बैच में जो चुनकर आया, वही तो अब सचिव बनेगा। तो 1992 में कौन सत्ता में था? आप अपनी सरकार को कोस रहे हो। आपने तो 1952 में बाबा साहेब आंबेडकर को चुनाव हरवाया। आप तो उन्हें संविधान सभा में भी आने नहीं देना चाहते थे और आप ओबीसी के भले की बात करते हैं? आपने तो आंबेडकर साहब का तैल चित्र भी संसद के केंद्रीय कक्ष में नहीं लगने दिया।
विपक्ष ने किया हंगामा
बाबा साहेब आंबेडकर का जिक्र आते ही विपक्ष हंगामा करने लगा। चुनाव हरवाने की बात से कई नेता नाराज दिखे। अधीर रंजन चौधरी ने अर्जुन राम मेघवाल की बात का विरोध किया कि उनका दावा बेबुनियाद है।
अमित शाह ने कसा तंज
इस पर अमित शाह खड़े हुए और कहा कि जैसे राहुल गांधी को भाजपा ने हराया, वैसे ही बाबा साहेब के सामने जीतकर आने वाले प्रत्याशी कांग्रेस के थे।