लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक पर चर्चा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और राहुल गांधी के बीच वार-पलटवार देखने को मिला। दरअसल, चर्चा के दौरान वायनाड से कांग्रेस सांसद ने कहा कि परिसीमन की कोई जरूरत नहीं है। सीधे 33 फीसदी आरक्षण महिलाओं को दे दीजिए। इस पर अमित शाह ने कहा कि केरल की वायनाड (राहुल गांधी की सीट) या हैदराबाद सीट आरक्षित हो गई तो क्या कहेंगे? फिर कहेंगे कि राजनीति हो गई।
पहले जानते हैं राहुल गांधी ने क्या कहा?
चर्चा के दौरान राहुल ने कहा कि सवाल यह है कि इस देश में कितने ओबीसी, कितने दलित, कितने आदिवासी हैं... इसका जवाब सिर्फ जातिगत जनगणना से मिल सकता है। महिला आरक्षण विधेयक को आज पारित कीजिए और लागू कीजिए। परिसीमन और जनगणना की कोई जरूरत नहीं है। सीधे 33 फीसदी आरक्षण महिलाओं को दे दीजिए।
अब जानिए अमित शाह का जवाब
अमित शाह ने कहा, ''परिसीमन आयोग हमारे देश की चुनाव प्रक्रिया को निर्धारित करने वाली इकाई का काम करती है। इसकी प्रक्रिया अर्द्ध न्यायिक होती है। इसमें चुनाव आयोग और दो-तीन संस्थाओं के प्रतिनिधि होते हैं। सभी राजनीतिक दलों के एक-एक नेता भी इसके सदस्य होते हैं। महिलाओं के लिए एक तिहाई सीटों का आरक्षण तय करना है तो वो सीटें कौन तय करेगा? हम सीटें तय करें और केरल की वायनाड (राहुल गांधी की सीट) या हैदराबाद सीट आरक्षित हो गई तो क्या कहेंगे? ओवैसी साहब कहेंगे कि राजनीति हो गई। इसमें कोई पक्षपात नहीं हो, इसलिए परिसीमन की बात कही गई है।''
तो आरक्षण लागू कब से होगा, अमित शाह ने दे दिए संकेत
शाह ने कहा, ''सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने भूमिका बनाना शुरू कर दी है कि इसे समर्थन मत करो क्योंकि परिसीमन की बात कही जा रही है। इसका समर्थन मत करो क्योंकि मुस्लिम आरक्षण नहीं है। ...मेरा उनसे कहना है कि समर्थन नहीं करोगे तो क्या जल्दी आरक्षण आ जाएगा? तब भी तो 2029 के बाद आएगा। एक बार श्रीगणेश तो करो। गणेश चतुर्थी के दिन यह विधेयक आया है। एक बार शुरुआत तो करो।''