Dr. Jitendra Singh
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केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह ने शुक्रवार को कहा कि अगले साल एक भारतीय अंतरिक्ष यात्री को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) में भेजने की योजना का गगनयान मिशन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। गगनयान अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेगा। सिंह ने कहा कि आईएसएस के लिए भारत-अमेरिका संयुक्त मिशन के लिए अंतरिक्ष यात्रियों की पसंद थी और इसे गगनयान मिशन के साथ नहीं जोड़ा जाना चाहिए। गगनयान मिशन 2024 में लॉन्च किया जाएगा।
गगनयान पूरी तरह से एक अलग मिशन है
उन्होंने कहा कि अमेरिका ने 2024 के लिए एक मिशन की योजना बनाई है। इसमें कोई भारतीय जाएगा या नहीं, इस पर अभी काम हो रहा है। गगनयान पर भी काम चल रहा है। इसकी प्रगति पर कोई आवश्यक प्रभाव नहीं पड़ेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि गगनयान पूरी तरह से एक अलग मिशन है और इसकी अपनी समयसीमा है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हमें दोनों को मिलाना नहीं है। आपका प्रश्न इस धारणा पर आधारित है कि जो अंतरिक्ष यात्री आईएसएस जा रहा है वह गगनयान से है। ऐसा नहीं हो सकता है। विकल्प खुला है। यह उपयुक्तता पर अधिक निर्भर करता है। भारतीय अंतरिक्ष यात्री पर वास्तविक निर्णय आईएसएस के लिए मिशन को अंतिम रूप दिए जाने के बाद लिया जाएगा। उन्होंने गगनयान के लिए प्रशिक्षित किसी अंतरिक्ष यात्री के आईएसएस की यात्रा करने से इनकार नहीं किया, ताकि उन्हें अंतरिक्ष उड़ान का प्रत्यक्ष अनुभव मिल सके।
रूस के साथ हमारे संबंध हैं और अमेरिका के साथ भी
जितेंद्र सिंह ने यह भी संकेत दिया कि अमेरिका से सहयोग के साथ-साथ रूस के साथ उसका अंतरिक्ष सहयोग भी जारी रहेगा। यह पूछे जाने पर कि क्या नासा की सुविधाओं में भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों के प्रशिक्षण से इस संबंध में रूस पर निर्भरता कम होगी, मंत्री ने कहा कि रूस के साथ हमारे संबंध हैं और अमेरिका के साथ भी।