खुद को रॉ अधिकारी बताकर लोगों से ठगी करने वाले संतोष आत्माराम राठौड़ को महाराष्ट्र पुलिस ने अहमदनगर से गिरफ्तार किया है। उसने अपना कोड नेम चाणक्य रखा था। पुलिस के मुताबिक वह लोगों को आयकर विभाग व सशस्त्र बलों में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगता था।
सेना की दक्षिणी कमान की सैन्य खुफिया इकाई से मिली सूचना के आधार पर यह गिरफ्तारी हुई। इससे पहले गुजरात के एक ठग किरण पटेल को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उस पर खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) में अधिकारी बताकर लोगों से ठगी करने का आरोप था। संतोष आत्माराम राठौड़ (35) को महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में एक किराए के मकान से गिरफ्तार किया गया, जहां वह अपनी प्रेमिका के साथ रहता था। उसके पास से रॉ का फर्जी आईडी कार्ड और एक आधार कार्ड बरामद किया गया। फर्जी पहचान पत्र में उसकी पोस्ट उप सचिव (आंतरिक सुरक्षा) दिखाई गई और उसका कोड नाम ‘चाणक्य’ था।
पुणे में फर्जी सेना भर्ती रैकेट का भंडाफोड़, मास्टरमाइंड गिरफ्तार
वहीं, महाराष्ट्र में पुणे और पड़ोसी सांगली जिले के युवा उम्मीदवारों को निशाना बनाने वाले एक फर्जी सेना भर्ती रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। मास्टरमाइंड समेत एक दर्जन से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। सेना के अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों के अनुसार, यहां स्थित सेना की दक्षिणी कमान की सैन्य खुफिया शाखा ने पुणे पुलिस की अपराध शाखा को उस रैकेट के बारे में सचेत किया, जिसमें उम्मीदवारों को सेना में नौकरी दिलाने का वादा करके 90,000 रुपये से 4.5 लाख रुपये तक की ठगी की गई थी। उन्होंने बताया कि रैकेट के कथित मास्टरमाइंड प्रमोद भीमराव यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है। सांगली जिले के जाथ गांव के रहने वाले यादव पर एक पुलिस कांस्टेबल से 16 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है। स्थानीय पुलिस और खुफिया अधिकारियों को अब तक उसके बैंक खातों में लगभग 46 लाख रुपये का पता चला है। अधिकारियों ने आरोप लगाया कि यह रैकेट उम्मीदवारों को फर्जी कॉल लेटर और पहचान पत्र जारी करके काम कर रहा था।
महाराष्ट्र लिव-इन पार्टनर मामला
महाराष्ट्र में ठाणे की एक अदालत ने अपनी लिव-इन पार्टनर की हत्या करने और उसके शव को टुकड़े-टुकड़े करने के आरोपी व्यक्ति की पुलिस हिरासत की मांग वाली अर्जी को शुक्रवार को लंबित रखा। कोर्ट ने आरोपी पर किए जाने वाले परीक्षण का विवरण भी मांगा है।
बता दें कि मनोज साने (56) ने 04 जून को मीरा रोड इलाके में अपने सातवीं मंजिल के किराए के अपार्टमेंट में अपनी 32 वर्षीय लिव-इन पार्टनर सरस्वती वैद्य की कथित तौर पर हत्या कर दी और उसके शरीर के टुकड़े-टुकड़े कर दिया। इस मामले में साने को 6 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद गुरुवार को अभियोजन पक्ष द्वारा ठाणे प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट एमडी नानावरे की अदालत में पुलिस हिरासत की मांग के लिए आवेदन दायर किया गया था।
अदालत ने पाया कि आवेदन में उस परीक्षण का विवरण और उद्देश्य शामिल नहीं था जो पुलिस आरोपी पर करना चाहती थी। अदलत ने पुलिस से विस्तृत विवरण देने के लिए कहा है। अदालत ने पुलिस से यह भी पूछा कि जब 7 जून को गिरफ्तारी के बाद से साने 14 दिनों तक पुलिस हिरासत में था तो परीक्षण क्यों नहीं किया गया।
नवी मुंबई के बंदरगाह पर दो व्यापारी गिरफ्तार
शुक्रवार को नवी मुंबई के न्हावा शेवा में जवाहरलाल नेहरू कस्टम हाउस की विशेष खुफिया और जांच शाखा (आयात) ने ई-सिगरेट, ड्रोन, खिलौने और लेटेक्स गुब्बारों की तस्करी में कथित संलिप्तता के लिए दो व्यापारियों को गिरफ्तार किया है। जिनकी कुल कीमत 5 करोड़ रुपये से अधिक है। अधिकारियों ने बताया कि न्हावा शेवा बंदरगाह पर आरोपियों द्वारा संचालित किया जा रहा रैकेट तब प्रकाश में आया जब 22 मई को ऐसी वस्तुओं से भरी दो खेप पकड़ी गईं।
मुंबई के दोनों व्यापारियों को शुक्रवार को गिरफ्तार करने के बाद 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इस रैकेट के एक सदस्य को ई-सिगरेट के अवैध आयात के लिए 12 मई को गिरफ्तार किया गया था। दोनों के पास से जांच करने पर 20,920 ई-सिगरेट, 1,792 ड्रोन (मानव रहित हवाई वाहन) और 58,500 खिलौने और लेटेक्स गुब्बारे पाए गए। कुछ मंत्रालयों ने ई-सिगरेट और ड्रोन पर प्रतिबंध लगा दिया है, जबकि खिलौने और लेटेक्स गुब्बारे भारतीय मानक ब्यूरो के अनुरूप नहीं हैं।