हासन सीट विवाद का एक प्रमुख कारण बन गई थी क्योंकि भवानी रेवन्ना ने अंतिम समय तक पीछे हटने से इनकार कर दिया था, जबकि उनके बहनोई और जद (एस) नेता एचडी कुमारस्वामी ने बार-बार स्पष्ट किया था कि उन्हें मैदान में नहीं उतारा जाएगा, और इसके बजाय एक वफादार पार्टी कार्यकर्ता को चुनावी मैदान में उतारा जाएगा।हासन जिला पंचायत की पूर्व सदस्य भवानी रेवन्ना कुमारस्वामी के बड़े भाई एच डी रेवन्ना की पत्नी हैं। उन्हें अपने पति के साथ-साथ उनके बेटों प्रज्वल रेवन्ना और सूरज रेवन्ना का समर्थन प्राप्त था। प्रज्वल हासन से लोकसभा के सदस्य हैं, जबकि सूरज एमएलसी हैं।
कुमारस्वामी और जद (एस) के प्रदेश अध्यक्ष सी.एम इब्राहिम हासन से उम्मीदवार के रूप में स्वरूप के नाम की घोषणा करते हुए कहा, रेवन्ना और भवानी की सहमति व एचडी देवगौड़ा के आशीर्वाद के नाम को अंतिम रूप दिया गया है। उन्होंने कहा, 'भवानी रेवन्ना ने आज सुबह मुझसे बात की। रेवन्ना और मैंने चर्चा की है और फैसला किया है ... जैसा कि रेवन्ना ने कल कहा था, परिवार में कोई मतभेद नहीं हो सकता है जैसा कि मीडिया में अटकलें लगाई जा रही थीं। रेवन्ना और भवानी रेवन्ना की सहमति से हासन के उम्मीदवार को अंतिम रूप दिया गया है।'
हासन के टिकट को लेकर देवगौड़ा परिवार के भीतर दरार इस हद तक बढ़ गई थी कि कुमारस्वामी ने महाकाव्य महाभारत में 'कुरुक्षेत्र' की लड़ाई का हवाला देते हुए आरोप लगाया था कि कुछ 'शकुनियां' उनके भाई रेवन्ना का ब्रेनवॉश करने की कोशिश कर रहे हैं। देवगौड़ा उम्र संबंधी बीमारियों के कारण पिछले कुछ समय से राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल नहीं हैं। हालांकि, हासन के टिकट मुद्दे को लेकर परिवार के भीतर दरार पैदा होने के संकेतों के बीच उन्होंने दोनों बेटों और भवानी के साथ चर्चा की थी,जो गतिरोध तोड़ने में विफल रही।
कुमारस्वामी और रेवन्ना दोनों तब से कहते रहे हैं कि हासन के टिकट मुद्दे पर देवगौड़ा का फैसला अंतिम होगा। यह कहते हुए कि कोई भी उनके और कुमारस्वामी के बीच दरार पैदा नहीं कर सकता, रेवन्ना ने शुक्रवार को कहा कि वह चाहते हैं कि कुमारन्ना (जैसा कि कुमारस्वामी को स्नेह के साथ बुलाया जाता है) मुख्यमंत्री बनें। उन्होंने कहा, मैंने हमेशा देवगौड़ा के शब्दों का पालन किया है और मुझे लगता है कि ऐसा करना मेरा कर्तव्य है... भवानी ने एक महीने पहले थिप्पेस्वामी (पार्टी नेता) से कहा था कि उनके लिए उनके ससुर (गौड़ा) महत्वपूर्ण हैं, न कि विधायक का पद।
उन्होंने कहा कि वह देवगौड़ा और कुमारस्वामी के फैसले का पालन करेंगे और वह यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि जद (एस) गौड़ा के जीवनकाल में हासन जिले की सभी सात सीटों और संसदीय सीट पर जीत हासिल करे। कुमारस्वामी शुरू से ही हासन जिला पंचायत के पूर्व उपाध्यक्ष और पूर्व विधायक दिवंगत एच एस प्रकाश के बेटे एच पी स्वरूप को हासन से चुनाव मैदान में उतारना चाहते थे। हासन देवगौड़ा का गृह जिला है और 2018 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने हासन विधानसभा सीट को छोड़कर सात में से छह सीटों पर जीत दर्ज की थी, एक सीट भाजपा के प्रीतम गौड़ा ने जीती थी।
जद (एस) की सूची में जिन अन्य नामों का जिक्र किया गया है उनमें मौजूदा विधायक एच डी रेवन्ना (होलेनारासीपुरा), के एस लिंगेश (बेलूर), एच के कुमारस्वामी (सकलेशपुर) और सी एन बालकृष्ण (श्रवणबेलगोला) शामिल हैं। जद (एस) छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए वाई एस वी दत्ता को कादुर से उम्मीदवार बनाया गया है। वह कभी गौड़ा के करीबी विश्वासपात्र हुआ करते थे। हाल ही में पार्टी में शामिल हुईं पूर्व मंत्री ए मंजू को अराकालागुडु से उम्मीदवार बनाया गया है। वह पहले कांग्रेस और भाजपा दोनों के साथ रह चुके हैं।
जद (एस) के टिकट पर चुनाव लड़ेंगे एनआर संतोष
एनआर संतोष अरसिकेरे से जद (एस) के टिकट पर चुनाव लड़ेंगे। फिलहाल, बेंगलुरु में उनकी एचडी देवगौड़ा से मुलाकात हो रही है।
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