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BJP-JDS: 'हां मैं पीएम मोदी से मिला क्योंकि...', पूर्व पीएम एचडी देवगौड़ा ने भाजपा से हाथ मिलाने पर ये कहा

Sun, 10 Sep 2023 09:34 PM IST
कुमार विवेक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

BJP-JDS: दिल्ली में भाजपा नेतृत्व के साथ 'अनैतिक संपर्क' बनाने की कोशिश के लिए विपक्षी पार्टियों की ओर से हो रही आलोचना होने का जिक्र करते हुए देवगौड़ा ने कांग्रेस नेताओं पर पलटवार करते हुए कहा, "मैं राज्य के किस-किस नेता में कितनी नैतिकता है, इसका विश्लेषण कर सकता हूं, लेकिन मैं व्यक्तिगत हमले नहीं करूंगा।"
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एचडी कुमारास्वामी और पूर्व पीएम एचडी देवगौड़ा - फोटो : Agency (File Photo)
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विस्तार
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पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा ने रविवार को पुष्टि की कि उन्होंने राज्य (कर्नाटक) के हित में और अपने संगठन को बचाने के लिए दिल्ली में भाजपा नेतृत्व के साथ चर्चा की है।  जद (एस) प्रमुख ने कहा कि उनके बेटे और पार्टी नेता एचडी कुमारस्वामी भाजपा नेतृत्व के साथ चर्चा करेंगे और चुनावी तालमेल के बारे में फैसला करेंगे। 

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उन्होंने कहा, ''(कांग्रेस नेताओं द्वारा) इस बात की आलोचना की जा रही है कि देवगौड़ा दिल्ली में किसी से मिलने गए। हां, इस पार्टी को बचाने की जरूरत है। मैंने इस पार्टी के लिए 40 साल काम किया है। मैंने इस पार्टी को तब भी बचाया जब कुमारस्वामी भाजपा के साथ चले गए (2006 में गठबंधन सरकार बनाने के लिए)। 

जिस पार्टी के लिए 40 साल काम किया उसे बचाने के लिए भाजपा नेतृत्व से मिलाः पूर्व पीएम
जद (एस) कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ''हां, मैंने दिल्ली में भाजपा नेताओं से संपर्क किया, देवगौड़ा के एक बार फिर प्रधानमंत्री बनने के लिए नहीं। इस पार्टी को बचाने के लिए, एक क्षेत्रीय पार्टी जिसे मैंने 40 वर्षों तक पोषित किया है। हां, मैं मोदी से मिला था, जब भाजपा नेताओं ने खुद मुझसे मिलने की इच्छा जताई थी। यह सच है कि मैंने उनसे बात की, लेकिन मैंने कोई सीट नहीं मांगी है। जद (एस) प्रमुख ने कहा कि चुनावी तालमेल के मुद्दे पर कुमारस्वामी अंतत: मोदी और भाजपा नेताओं के साथ चर्चा करेंगे कि वे कितनी सीटें देंगे और क्षेत्रीय दल कितनी सीटें लेगा और फैसला करेंगे। छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है।"
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पीएम और गृह मंत्री मेरा सम्मान करते हैं: एचडी देवगौड़ा
उन्होंने कहा, "मोदी मेरा सम्मान करते हैं और गृह मंत्री (अमित शाह) भी मेरा सम्मान करते हैं, वे मेरे व्यवहार को जानते हैं। मैंने कोई सीट नहीं मांगी थी। मैंने हर सेगमेंट (खंड) में स्थिति स्पष्ट की है। कुमारस्वामी और वे बैठेंगे और फैसला करेंगे। मुझमें यह आत्मविश्वास है। देवगौड़ा ने कहा, "क्या भाजपा के पास हासन, मांड्या, रामनगर, कोलार, तुमकुरु में वोट नहीं हैं? उनके पास है... इसी तरह, भाजपा को भी यह नहीं सोचना चाहिए कि जेडी (एस) के पास कुछ भी नहीं है। मैंने यह बात चर्चा के दौरान कही है।" उन्होंने कहा, "बीजापुर और रायचूर में आप (भाजपा) तभी सीटें जीत सकते हैं जब आपको मेरी पार्टी की ताकत मिले, अगर नहीं तो आप नहीं जीत सकते, मैंने उन नेताओं से यह बात कही है। बीदर और चिकमंगलुरु में भी हमारे पास अच्छी संख्या में वोट हैं।"

कांग्रेस की ओर से हुई आलोचना पर पूर्व पीएम बोले- किसमें कितनी नैतिकता सब जानता हूं
दिल्ली में भाजपा नेतृत्व के साथ 'अनैतिक संपर्क' बनाने की कोशिश के लिए विपक्षी पार्टियों की ओर से हो रही आलोचना होने का जिक्र करते हुए देवगौड़ा ने कांग्रेस नेताओं पर पलटवार करते हुए कहा, "मैं राज्य के किस-किस नेता में कितनी नैतिकता है, इसका विश्लेषण कर सकता हूं, लेकिन मैं व्यक्तिगत हमलों में शामिल नहीं होऊंगा। मेरे पास इस 91 साल की उम्र में इससे ज्यादा हासिल करने के लिए कुछ भी नहीं है।"

भाजपा के वरिष्ठ नेता बीएस येदियुरप्पा ने हाल ही में संकेत दिया था कि दोनों दलों के बीच चुनावी समझौता हो गया है और उनकी पार्टी ने लोकसभा की कुल 28 सीटों में से चार सीटें जद(एस) के लिए छोड़ दी हैं। हालांकि, कुमारस्वामी ने बाद में कहा था कि भाजपा और उनकी पार्टी के साथ मिलकर लोकसभा चुनाव लड़ने के बारे में चर्चा अभी शुरुआती चरण में है और सीटों के बंटवारे के बारे में कोई बातचीत नहीं हुई है। 

भाजपा ने कर्नाटक में 2019 के लोकसभा चुनावों में जीती थीं 25 सीटें
भाजपा ने कर्नाटक में 2019 के लोकसभा चुनावों में 25 सीटें जीती थीं, जबकि एक सीट पर उसके समर्थित एक निर्दलीय (मांड्या से सुमालता अंबरीश) ने जीत हासिल की थी। कांग्रेस और जद (एस) को एक-एक सीट मिली थी। पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कुमारस्वामी ने कहा कि अगर भाजपा और जद (एस) को हाथ मिलाना है तो यह राज्य के संसाधनों की रक्षा और इसके विकास के लिए है, न कि व्यक्तिगत इच्छाओं या लाभ के लिए। उन्होंने धर्मनिरपेक्ष ताकतों के निर्माण के लिए काम करने वाले देवगौड़ा को याद करने का न्यूनतम शिष्टाचार नहीं दिखाने के लिए कांग्रेस और इंडिया ब्लॉक के नेताओं पर निशाना साधा और अल्पसंख्यकों के हितों की रक्षा करने का भी संकल्प लिया।
 
पिता और पुत्र दोनों ने कर्नाटक की कांग्रेस सरकार पर उसकी नीतियों के लिए हमला बोला और उन्हें राज्य के हितों के लिए हानिकारक करार दिया और सत्तारूढ़ पार्टी को हराने का संकल्प लिया जो जद (एस) को खत्म करने और राज्य में अधिकतम लोकसभा सीटें जीतने का सपना देख रही है।

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