हरियाणा में चले जाट आंदोलन से जहां राज्य को कई हजार करोड़ की चपत लगी वहीं रेलवे को भी इससे भारी नुकसान हुआ है। रेल मंत्री सुरेश प्रभु के अनुसार जाट आंदोलन से रेलवे को कुल 56 करोड़ का फटका लगा है।
रिपोर्ट के अनुसार आंदोलन से रेलवे को टिकट रद्द होने और संपति को नुकसान पहुंचने के कारण भारी क्षति उठानी पड़ी है। आंदोलन की अवधि के दौरान रेलवे को 2,314 ट्रेनों को रद्द करना पड़ा।
लोकसभा में जानकारी देते हुए प्रभु ने बताया कि जाट आंदोलन की वजह से रेलवे को कुल 55.92 करोड़ का नुकसान हुआ है। एक सवाल का जवाब देते हुए प्रभु ने बताया कि 12 फरवरी से 24 फरवरी तक आंदोलन की अवधि के दौरान रेलवे को कुल 2134 ट्रेनों को रद्द करना पड़ा। इनमें से 1033 ट्रेन एक्सप्रेस और 1101 पैसेंजर ट्रेनें रही। इसके अलावा 259 ट्रेनों का रूट परिवर्तित करना पड़ा।
इससे अलग रेलवे को 450 ट्रेनों को आंशिक रूप से रद्द करना पड़ा। प्रभु ने बताया कि रेलवे की सुरक्षा का जिम्मा हालांकि राज्य का विषय है। इसके अलावा रेलवे की संपति को नुकसान पहुंचाने के मामले में मुकदमा दर्ज करने का काम भी राज्यों की जिम्मेदारी है।