केंद्र सरकार ने 75वें गणतंत्र दिवस समारोह के मौके पर तीन लाख छात्रों के साथ सूर्य नमस्कार करने की योजना बनाई है लेकिन जमात-ए-इस्लामी हिंद ने मुस्लिम छात्रों से इस समारोह में भाग न लेने का कहा है। जेआईएच अध्यक्ष डॉ. मुहम्मद साद बेलगामी ने मंगलवार को बताया कि सूर्य नमस्कार इस्लाम के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि सूर्य नमस्कार धर्मनिरपेक्ष सिद्धांतों का उल्लंघन करता है और समानता, न्याय और स्वतंत्रता की भावना के खिलाफ है।
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सूर्य नमस्कार समारोह का हिस्सा न हों बच्चे
डॉ. मुहम्मद साद बेलगामी ने बच्चों के अभिभावकों को 75वें गणतंत्र दिवस पर होने वाले सूर्य नमस्कार में हिस्सा न लेेने को आगाह किया है। उन्होंने कहा कि हम मुस्लिम माता-पिता और बच्चों को भी इस मूर्तिपूजा में भाग न लेने की दृढ़ता से सलाह देते हैं। यह बच्चों को ईश्वर की एकता और उसकी मांगों को समझने का एक अवसर भी होना चाहिए। हम स्कूलों और संस्थानों के प्रबंधन से इस विविधता का सम्मान करने का आग्रह करते हैं।
तीन लाख छात्रों को कराया जाएगा सूर्य नमस्कार
केंद्र सरकार ने 75वें गणतंत्र दिवस समारोह पर निर्देश जारी किया है कि पूरे देश में वाद्य यंत्रों के साथ ’सूर्य नमस्कार’ करने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। 30 राज्यों, 30,000 संस्थानों में तीन लाख छात्रों को शामिल करके 75 करोड़ ’सूर्य नमस्कार’ के लक्ष्य को हासिल करने की योजना है।