विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि मजबूत राष्ट्रीय ताकत आगामी 25 वर्षों में भारत को विकसित राष्ट्र बना सकता है। जयशंकर ने कहा कि हम सभी जानते हैं कि वर्तमान समय एआई, ईवी, चिप्स, हरित और स्वच्छ प्रौद्योगिकियों का युग है।
विदेश मंत्री एस जयशंकरर ने गुरुवार को कहा कि भारत को अगले 25 वर्षों में अपनी राष्ट्रीय ताकत को अत्यधिक मजबूत करना होगा, जो विकसित अर्थव्यवस्था के संकल्प को पूरा करेगा। सीमित संख्या में आपूर्तिकर्ताओं पर निर्भरता, प्रौद्योगिकी की चुनौतियों पर एस जयशंकर ने कहा कि देश के लक्ष्य और महत्वकांक्षाएं दूसरों की सद्भावना से निर्धारित नहीं की जा सकती है।
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तीन दिवसीय 5वें एशिया आर्थिक संवाद के उद्घाटन समारोह के दौरान विदेश मंत्री जयशंकर का रिकॉर्ड किया गया वीडियो संदेश चलाया गया। इस वर्ष सम्मेलन का विषय 'प्रवाह के युग में भू-आर्थिक चुनौतियां है। जयशंकर ने कहा कि हमें अमृत काल के दौरान मजबूत राष्ट्रीय ताकत का निर्माण करना होगा, जो एक विकसित अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में परिवर्तन को आगे बढ़ाएगी और यह मोदी सरकार का दृष्टिकोण है।
प्रौद्योगिकी पर हमारी निर्भरता बढ़ती जा रही- जयशंकर
विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि वर्तमान भू-आर्थिक चुनौतियां तीन श्रेणियों में आती हैं - आपूर्ति श्रृंखला चुनौती, प्रौद्योगिकी चुनौती और वैश्वीकरण से जन्मी अति की चुनौती। उन्होंने कहा, आयातकों के तौर में भी उत्पादन केंद्रों ने अपनी स्वयं की सोर्सिंग श्रृंखलाएं बनाई हैं। उन्होंने कहा, दैनिक जीवन में प्रौद्योगिकी पर हमारी निर्भरता दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है।
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वर्तमान समय एआई, ईवी, प्रौद्योगिकियों का युग- जयशंकर
जयशंकर ने कहा कि हम सभी जानते हैं कि वर्तमान समय एआई, ईवी, चिप्स, हरित और स्वच्छ प्रौद्योगिकियों का युग है। मंत्री ने कहा, केवल व्यापक अंतरराष्ट्रीय सहयोग ही एकतरफा मांगों और प्रौद्योगिकी दावों के आर्थिक प्रभुत्व को कम कर सकता है। उन्होंने कहा, भारत के लिए इसका मतलब व्यापक मोर्चे वाले क्षेत्रों में आगे बढ़ना है, व्यापक राष्ट्रीय शक्ति में योगदान देना है।