हाल ही में इसरो प्रमुख एस सोमनाथ ने कहा था कि अगर हम प्रधानमंत्री को अंतरिक्ष में भेज सके तो हमें बहुत गर्व होगा। एस सोमनाथ के इस बयान पर कांग्रेस ने प्रधानमंत्री ने निशाना साधा है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में लिखा कि 'प्रधानमंत्री को अंतरिक्ष में जाने से पहले मणिपुर जाना चाहिए।'
जयराम रमेश ने क्यों कही ये बात
दरअसल मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इसरो प्रमुख एस सोमनाथ ने कहा था कि प्रधानमंत्री मोदी अगर भारत के पहले मानव मिशन गगनयान के तहत अंतरिक्ष जाना चाहते हैं तो उन्हें बेहद खुशी होगी। गगनयान को साल 2025 में लॉन्च किया जाना है। इसरो चीफ से पूछा गया कि क्या अगर प्रधानमंत्री मोदी इसरो के मानव मिशन के तहत अंतरिक्ष में जाना चाहें तो क्या उन्हें खुशी होगी? इसके जवाब में एस सोमनाथ ने कहा कि 'बेशक उन्हें इससे खुशी होगी, लेकिन उनके पास (पीएम मोदी) कई अन्य अहम जिम्मेदारियां हैं। जिन्हें पूरा करना उनकी पहली प्राथमिकता है। लेकिन यह ऐसी क्षमता है, जिसें हम हासिल करना चाहते हैं कि अंतरिक्ष में इंसानों को भेजने की क्षमता को इतना विकसित किया जाए यह बेहद सुरक्षित हो जाए और हम इसे हासिल करने की प्रक्रिया में हैं।'
मणिपुर के मुद्दे पर केंद्र को घेरने में जुटा विपक्ष
कांग्रेस, केंद्र सरकार को मणिपुर हिंसा के मुद्दे पर घेरने में जुटी है। विपक्ष का आरोप है कि पीएम मोदी ने मणिपुर हिंसा पर चुप्पी साधी हुई है और राज्य में शांति बहाली के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए हैं। मणिपुर में बीते साल मई में जातीय हिंसा शुरू हुई थी। इस हिंसा में 200 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है और हजारों लोगों को विस्थापन झेलना पड़ा है। बुधवार को राज्यसभा में अपने संबोधन के दौरान भी पीएम मोदी ने मणिपुर के मुद्दे पर बयान दिया और कहा कि केंद्र सरकार राज्य में शांति बहाली के लिए लगातार कोशिश कर रही है।