कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने पीएम मोदी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि कॉरपोरेट मोदी सरकार के दबाव में काम कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि फ्लाइट्स में रुटीन और मामली चीजों को लेकर पीएम मोदी के नेतृत्व का जिक्र किया जा रहा है।
देश के पांच राज्यों में इन दिनों चुनावी सरगर्मियां तेज हैं। सभी पार्टिंयां वोटरों को अपने पक्ष में करने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रही हैं। इस दौरान तमाम राजनीतिक दल एक दूसरे पर जुबानी तीर भी छोड़ रहे हैं। वहीं, अब कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने पीएम मोदी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि कॉरपोरेट मोदी सरकार के दबाव में काम कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि फ्लाइट्स में रुटीन और मामली चीजों को लेकर पीएम मोदी के नेतृत्व का जिक्र किया जा रहा है। साथ ही बिना चुनाव आयोग का जिक्र किए क्रू मेंबर्स द्वारा वोट करने की अपील की जा रही है। यह आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है।
विज्ञापन
जयराम रमेश ने लगाए गंभीर आरोप
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट कर भाजपा और केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने अपनी पोस्ट में बीते सप्ताह आइजोल से दिल्ली की अपनी विमान यात्रा का अनुभव साझा किया। उन्होंने लिखा, पिछले हफ्ते, मैंने इंडिगो से आइजोल और वहां से वापस दिल्ली के लिए फ्लाइट ली। दोनों ही तरफ से केबिन क्रू द्वारा घोषणा की गई। जिसमें कुछ रूटीन और बेहद मामूली चीज़ों को लेकर प्रधानमंत्री 'श्री नरेंद्र मोदी जी' के नेतृत्व का जिक्र किया जा रहा था। इनमें से एक अनाउंसमेंट के तुरंत बाद वोट अपील की जा रही थी। जिसमें यात्रियों से आगामी विधानसभा चुनावों में वोट देने के लिए कहा जा रहा था। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि इस घोषणा में चुनाव आयोग का कोई उल्लेख नहीं था। यह आदर्श आचार संहिता का स्पष्ट रूप से उल्लंघन है।'
उन्होंने आगे लिखा, टइससे पहले कभी भी किसी प्रधानमंत्री ने अपनी कमजोर होती छवि को बचाने के लिए,खास तौर से महत्वपूर्ण चुनावों से पहले जनता की नजरों में बने रहने के लिए इस स्तर तक नहीं गिरा है। इससे साफ है, इस व्यक्ति की असुरक्षा, नागरिक उड्डयन मंत्री की चाटुकारिता और ऐसा करने वाले एयरलाइन की कायरता की कोई सीमा नहीं है।'
विज्ञापन
कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि शुक्र है कि आज रायपुर के लिए मैंने जिस दूसरी एयरलाइन की फ्लाइट ली, वह उस स्तर तक नहीं गिरी। यह देखकर अच्छा लगा कि कुछ कॉरपोरेट अभी भी मोदी सरकार के दबाव के बावजूद निष्पक्ष प्रक्रियाओं का पालन कर रहे हैं।