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Bengal: जादवपुर विश्वविद्यालय में छह छात्रों के प्रवेश पर प्रतिबंध, रैगिंग से मौत का मामला; जेल में हैं आरोपी

Sun, 26 Nov 2023 10:06 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

Jadavpur University Ragging Death: विश्वविद्यालय की एंटी रैगिंग कमिटी ने सिफारिश की थी कि छात्रों को संस्थान में प्रवेश करने से रोका जाए। इसके करीब दो महीने बाद यह कदम उठाया गया है। ये सभी आरोपी फिलहाल प्रेसीडेंसी जेल में न्यायिक हिरासत में हैं। 
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जादवपुर विश्वविद्यालय। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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जादवपुर विश्वविद्यालय (जेयू) के छह छात्रों को अनिश्चित काल के लिए परिसर में प्रवेश करने से रोक दिया गया है। ये सभी अगस्त में एक फ्रेशर छात्र की मौत में कथित रूप से शामिल थे। 

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विश्वविद्यालय की एंटी रैगिंग कमिटी ने सिफारिश की थी कि छात्रों को संस्थान में प्रवेश करने से रोका जाए। इसके करीब दो महीने बाद यह कदम उठाया गया है। ये सभी फिलहाल प्रेसीडेंसी जेल में न्यायिक हिरासत में हैं। 

जेयू के रजिस्ट्रार स्नेहा मंजू बसु ने शुक्रवार को एक अधिसूचना में कहा कि छह छात्रों को तब तक छात्रावास सहित परिसर में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी, जब तक कि उन्हें उनके खिलाफ लगे सभी आरोपों से मुक्त नहीं किया जाता। 

विश्वविद्यालय के फैसले लेने वाली शीर्ष इकाई 'कार्यकारी परिषद' (एग्जीक्यूटिव काउंसिल) ने इन छात्रों को प्रतिबंधित करने के लिए एंटी रैगिंग पैनल की सिफारिश को अक्तूबर में ही मंजूरी दे दी। लेकिन, अधिसूचना कुछ दिन पहले ही जारी की गई। 

रैगिंग के बाद नौ अगस्त को विश्वविद्यालय के मेन हॉस्टल की दूसरी मंजिल की बालकनी से छात्र गिर गया था। अगी सुबह एक निजी अस्पताल में उसकी मौत हो गई थी। जाधवपुर विश्वविद्यालय के शिक्षक संघ और वरिष्ठ प्रोफेसर इमान कल्याण लाहिड़ी ने हाल ही में एंटी रैगिंग पैनल की सिफारिशों को लागू करने में देरी को लेकर अपनी शिकायत दर्ज कराई थी। 
 

ये सभी छह आरोपी अर्थशास्त्र, समाजशास्त्र, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, सिविल इंजीनियरिंग और कंप्यूटर विज्ञान सहित विभिन्न स्नातक विषयों में सीनियर छात्र थे। छात्र की मौत के मामले में अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिसमें स्नातकोत्तर के छात्र और एक पीएचडी शोधकर्ता भी शामिल हैं, जो यहां के छात्र न होने के बावजूद छात्रावास में अधिक समय से रह रहे थे।
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विश्वविद्यालय के अंग्रेजी के प्रोफेसर मनोजित मंडल ने कहा कि छात्रों को रोकने का फैसला बहुत पहले लिया जाना चाहिए था।
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