देश में कोरोना वायरस से संक्रमित होने वाली पहली मरीज बनी केरल की मेडिकल छात्रा अब पूरी तरह से ठीक हो चुकी है। उनका कहना है कि आजकल वह चीन के वुहान में अपने विश्वविद्यालय की ऑनलाइन कक्षाएं लेने के साथ-साथ रसोई में लजीज व्यंजनों को पकाने में अपनी मां का हाथ बंटाकर खुद को व्यस्त रख रही है। साथ ही उसका कहना है कि जांच रिपोर्ट में संक्रमित पाए जाने के बाद भी उन्हें डर नहीं लगा था।
मेडिकल तृतीय वर्ष की यह छात्रा इस बात को लेकर परेशान नहीं है कि इस जानलेवा वायरस का प्रसार वुहान से हुआ और वह स्थिति सामान्य होने के बाद वापस जाकर अपनी पढ़ाई फिर से पूरे जोश से करने की राह देख रही है।
छात्रा ने बताया कि मैं फरवरी से ही अपने विश्वविद्यालय की ऑनलाइन कक्षाएं ले रही हूं। विषयों के आधार पर कक्षाएं रोज हो रही हैं। हमसे कहा गया है कि फिलहाल जिन विषयों की ऑनलाइन कक्षा चल रही है, एक बार नियमित कक्षाएं शुरू होने के बाद उन्हें दुहराया जाएगा, क्योंकि प्रैक्टिकल भी होने हैं।
20 फरवरी को अस्पताल से मिली छुट्टी
वुहान विश्वविद्यालय की यह छात्रा अपना सेमेस्टर खत्म होने पर छुट्टियों में घर आई थी और उसी दौरान 30 जनवरी को जांच में उसके कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई। त्रिशूर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में करीब तीन सप्ताह के इलाज के बाद दो जांच में उसके संक्रमण मुक्त होने की रिपोर्ट आई। उसके संक्रमण मुक्त होने की पुष्टि होने के बाद 20 फरवरी को उसे अस्पताल से छुट्टी दी गई।
जल्दी ही उसने अपनी ऑनलाइन कक्षाएं लेनी शुरू कर दीं। गौरतलब है कि फीस कम होने और अन्य सुविधाओं के कारण बड़ी संख्या में केरल के छात्र वुहान विश्वविद्यालय में पढ़ाई करते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि वुहान में अब कोई मरीज नहीं है। हमें यही बताया गया है, लेकिन विमान परिचालन शुरू होना भी आवश्यक है।
चीन के स्वास्थ्य अधिकारियों ने रविवार को कहा था कि वुहान में कोविड-19 के अंतिम मरीज को भी संक्रमण मुक्त होने के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। ऐसा पहली बार हुआ है जब शहर के किसी भी अस्पताल में कोविड-19 का कोई मरीज नहीं है।
चीन के अनुसार, वुहान में कोरोना वायरस संक्रमण से 3,869 लोगों की मौत हुई है। छात्रा ने गले में खरास और सूखी खांसी जैसे लक्षणों की शिकायत की थी, जिसके बाद 27 जनवरी को उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था।