तेलंगाना में रैली के दौरान पीएम मोदी द्वारा दिए गए एक हालिया बयान को लेकर सियासी विवाद खड़ा हो गया है। पीएम मोदी के बयान कि तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसीआर एनडीए में शामिल होना चाहते थे, पर बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामाराव ने नया दावा किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने ही 2018 में गठबंधन के लिए न्योता भेजा था।
रामाराव ने खारिज किया पीएम का दावा
सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर बुधवार को एक पोस्ट में रामाराव ने दावा किया कि तेलंगाना के गठन के बाद से बीआरएस ने चुनावों के दौरान कभी किसी के साथ गठबंधन नहीं किया है। कई बार हमसे अनुरोध किए गए। इस दौरान भाजपा पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि वास्तव में यह विपक्ष ही है जो 'दुर्जेय' केसीआर को हराने के प्रयास में अपने वैचारिक मतभेदों को दरकिनार कर एक साथ आया है।
उन्होंने कहा कि 2018 में 'सबसे बड़ी झूठा पार्टी' के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. के. लक्ष्मण ने बीआरएस के साथ गठबंधन के संबंध में प्रस्ताव भेजा था। उन्होंने कहा कि क्या यह प्रस्ताव उनके दिल्ली आकाओं की मंजूरी के बिना दिया जा सकता था? अपने दावे के संबंध में केटी रामाराव ने कुछ पुराने अखबारों की कटिंग भी साझा की। उन्होंने कहा कि 2018 में तत्कालीन भाजपा तेलंगाना प्रमुख लक्ष्मण ने कहा था कि अगर उनकी पार्टी 2018 के विधानसभा चुनावों में बहुमत से कम रह जाती है तो उनकी पार्टी बीआरएस (तत्कालीन टीआरएस) को समर्थन देने के लिए तैयार है।
इतना ही नहीं, रामाराव ने आगे आरोप लगाया कि कुछ 'राजनीतिक पर्यटक' जो कहानियाँ गढ़ रहे हैं, उन्हें भाजपा के कथित प्रस्तावों के बारे में पता होना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि बीआरएस ने इस प्रस्ताव को अगले ही मिनट खारिज कर दिया था।
भाजपा के राज्यसभा सांसद लक्ष्मण ने दिया जवाब
वहीं, पोस्ट में रामाराव द्वारा किए गए दावों का भाजपा के राज्यसभा सांसद लक्ष्मण ने खंडन किया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने गलत इरादों से टिप्पणी की हैं। उनका उद्देश्य झूठे प्रचार का सहारा लेना है। लक्ष्मण ने बुधवार को एक बयान में कहा कि जीएचएमसी चुनावों के दौरान, बीआरएस ने एआईएमआईएम के साथ गठबंधन किया था। उन्होंने कहा कि भाजपा कभी भी किसी परिवार संचालित या वंशवादी राजनीतिक दल को प्रोत्साहित नहीं करेगी या उसके साथ गठबंधन नहीं करेगी।
पीएम मोदी ने क्या कहा था?
बता दें कि पीएम मोदी ने तीन अक्तूबर को तेलंगाना राज्य के निजामाबाद के दौरे पर भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) पर तीखा हमला किया था। यहां अपने संबोधन के दौरान उन्होंने कहा था कि मैं एक राज की बात बताने जा रहा हूं। जब हैदराबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन का इलेक्शन हुआ, उसमें भाजपा 48 सीटें जीतकर आई थी। केसीआर को तब सपोर्ट की जरूरत थी। पीएम मोदी ने कहा कि वो पहले बहुत सम्मान करते थे। इस चुनाव से पहले, वह हवाई अड्डे पर मेरा स्वागत करते थे, लेकिन बाद में अचानक उन्होंने ऐसा करना बंद कर दिया। पीएम मोदी ने कहा कि केसीआर दिल्ली में मुझसे मिलने आए। उन्होंने मुझसे कहना शुरू किया कि देश आपके नेतृत्व में प्रगति कर रहा है। उन्होंने कहा कि वह एनडीए में शामिल होना चाहते हैं। उन्होंने मुझसे भी उन्हें समर्थन देने के लिए कहा। मैंने उनसे (केसीआर से) कहा कि उनके कार्यों के कारण वह उनके साथ नहीं जुड़ सकते। प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा तेलंगाना के लोगों को धोखा नहीं दे सकती। पीएम मोदी ने कहा मैंने उन्हें एनडीए में शामिल करने से इनकार कर दिया।
बीआरएस पहले भी खारिज कर चुकी है बयान
इससे पहले भी इस मुद्दे पर बीआरएस ने अपनी प्रतिक्रिया दी थी। केटीआर ने कहा था कि क्या हमें किसी पागल कुत्ते ने काट लिया है जो हम एनडीए में शामिल होंगे? आज शिवसेना, जेडीयू, टीडीपी, शिरोमणि अकाली दल समेत कई पार्टियों ने भाजपा का साथ छोड़ दिया है। आपके साथ कौन है। साथ ही मोदी सरकार पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा, आपके पास सिर्फ सीबीआई, ईडी और इनकम टैक्स(आईटी) के अलावा कौन है। साथ ही केटी रामाराव ने स्पष्ट किया कि बीआरएस भाजपा के साथ चुनावी गठबंधन नहीं करेगी, जो देश के पहले आतंकवादी नाथूराम गोडसे की पूजा करती है और उसका अनुसरण करती है। जिसने राष्ट्रपति महात्मा गांधी की हत्या की थी।