इंफोसिस ने नए आईटी पोर्टल पर कुछ सेवाओं की एक सूची जारी करते हुए कहा है कि करदाता अब इन सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। आईटी कंपनी ने कहा कि तीन करोड़ से ज्यादा करदाताओं ने नए पोर्टल में लॉग-इन कर कई सुविधाओं का लाभ उठाया है। वहीं, अब तक 1.5 करोड़ से अधिक रिटर्न भरा गया है।
देश की प्रमुख आईटी कंपनी इंफोसिस ने गुरुवार को स्वीकार किया कि कुछ यूजर्स को नए आयकर पोर्टल में आयकर रिटर्न (आईटीआर) भरने में अब भी परेशानी हो रही है। इन परेशानियों को दूर करने के लिए वह आयकर विभाग के साथ मिलकर लगातार काम कर रहा है।
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इस बीच, इंफोसिस ने नए आईटी पोर्टल पर कुछ सेवाओं की एक सूची जारी करते हुए कहा है कि करदाता अब इन सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। आईटी कंपनी ने कहा कि तीन करोड़ से ज्यादा करदाताओं ने नए पोर्टल में लॉग-इन कर कई सुविधाओं का लाभ उठाया है। वहीं, अब तक 1.5 करोड़ से अधिक रिटर्न भरा गया है।
रिटर्न भरने वाले 85 फीसदी से ज्यादा करदाताओं ने अपना ई-सत्यापन भी पूरा कर लिया है। 7 जून, 2021 को नया पोर्टल लॉन्च होने के बाद महीनों तक लगातार गड़बड़ियों की वजह से इन्फोसिस को आलोचनाओं का सामना करना पड़ा है।
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इन सुविधाओं का उठा सकते हैं लाभ
नए पोर्टल के जरिये करदाता आधार ओटीपी की मदद से ई-सत्यापन कर सकते हैं।
आईटीआर-1, 2, 3, 4, 5 और 7 अब दाखिल करने के लिए उपलब्ध है।
कई वैधानिक फॉर्म अब ऑनलाइन भी उपलब्ध हैं।
15जी, 15एच, ईक्यू1, 10ए, 10ई, 10आईई, डीटीवीएसवी, 15सीए, 15सीबी एवं 35 जैसे कई अहम वैधानिक फॉर्म के साथ बड़ी संख्या में टीडीएस रिटर्न भरे जा रहे हैं।
करदाता अब ई-कार्यवाही, नोटिस एवं मांगों का जवाब, ई-पैन सुविधा, डीएससी पंजीकरण और कानूनी उत्तराधिकारी के लिए कार्यक्षमता जैसी सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।
गड़बड़ियां दूर करने का प्रयास जारी
इंफोसिस ने कहा कि कुछ यूजर्स को रिटर्न भरने में आ रही मुश्किलों को बेहतर तरीके से समझने के लिए वह 1,200 से अधिक करतादाओं से सीधे जुड़ी है। इसके अलावा, कंपनी चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) के साथ भी मिलकर चुनौतियों को दूर करने का प्रयास कर रही है। आईटी कंपनी ने बताया कि वर्तमान में आयकर विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर नए पोर्टल को सुविधाजनक बनाने का काम तेजी से चल रहा है। 750 से ज्यादा डेडिकेटेड कर्मचारी पोर्टल की कमियों को दूर करने में जुटे हैं।