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Chandrayaan-3 से उम्मीदें: सल्फर की मौजूदगी की एक बार फिर पुष्टि, रोवर के इस उपकरण से हुआ खुलासा

Thu, 31 Aug 2023 02:56 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

इस खोज के बाद अब वैज्ञानिकों के सामने नई चुनौतियां आ गई हैं। वह खोज को लगातार जारी रखे हैं। वहीं, वैज्ञानिक यह पता लगाने में जुटे हैं कि चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुवीय क्षेत्र जहां चंद्रयान-3 उतरा है, वहां की मिट्टी और चट्टानें किससे बनी हैं?

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चांद की सतह पर सल्फर होने का खुलासा - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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चांद की सतह पर ऐतिहासिक लैंडिंग के बाद चंद्रयान-3 अपने मिशन में जुटा हुआ है। हाल ही में रोवर पर लगे लेजर इन्ड्यूड ब्रेकडाउन स्पेक्ट्रोस्कोप (एलआईबीएस) उपकरण ने चांद की सतह पर सल्फर होने का खुलासा किया था। वहीं, अब गुरुवार को एक बार फिर इसरो ने इस बात की पुष्टि कर दी है। चंद्रयान-3 मिशन के रोवर 'प्रज्ञान' पर लगे एक अन्य उपकरण ने सल्फर होने पर मुहर लगाई है। 

छोटे तत्वों के होने का खुलासा

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने बताया कि रोवर 'प्रज्ञान' पर लगे एक अन्य उपकरण अल्फा पार्टिकल एक्स-रे स्पेक्ट्रोस्कोप (एपीएक्सएस) ने चंद्रमा पर सल्फर के साथ-साथ अन्य छोटे तत्वों के होने का खुलासा किया है।

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चट्टानों की खोज में जुटे वैज्ञानिक

इस खोज के बाद अब वैज्ञानिकों के सामने नई चुनौतियां आ गई हैं। वह खोज को लगातार जारी रखे हैं। वहीं, वैज्ञानिक यह पता लगाने में जुटे हैं कि चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुवीय क्षेत्र जहां चंद्रयान-3 उतरा है, वहां की मिट्टी और चट्टानें किससे बनी हैं? यह अन्य जगह से किस प्रकार भिन्न है? 

वीडियो जारी

वहीं, इसरो ने एक वीडियो जारी किया है। इसमें देखा गया है कि रोवर पर मौजूद अल्फा पार्टिकल एक्स-रे स्पेक्ट्रोमीटर (एपीएक्सएस) चंद्रमा के नमूने का निरीक्षण करने के लिए नीचे उतरता है, जिसे लैंडर इमेजर द्वारा कैप्चर किया गया है। वहीं, इसरो ने बताया कि एपीएक्सएस उपकरण चंद्रमा की सतह पर मिट्टी और चट्टानों की खोज के लिए सबसे उपयुक्त है। इसमें रेडियोधर्मी स्रोत होते हैं, जो सतह के नमूने पर अल्फा कण और एक्स-रे उत्सर्जित करते हैं।

 

 

उन्होंने कहा कि एक्स-रे की ऊर्जा और तीव्रता को मापकर वैज्ञानिक मौजूद तत्वों का पता लगा सकते हैं। अभी तक एपीएक्सएस के जरिए चांद की सतह पर एल्यूमीनियम, सिलिकॉन, कैल्शियम और लौह जैसे तत्वों की उपस्थिति का पता लगा है। वहीं इसके अलावा, सल्फर समेत कई छोटे तत्वों की भी पुष्टि हुई है। 

इससे पहले भी पता लगा 

गौरतलब है, इससे पहले रोवर पर लगे लेजर इन्ड्यूड ब्रेकडाउन स्पेक्ट्रोस्कोप (एलआईबीएस) उपकरण ने चांद की सतह पर ऑक्सीजन की पुष्टि की थी। इसके अलावा चंद्रमा की सतह पर एल्युमीनियम (Al), सल्फर (S), कैल्शियम (Ca), आयरन (Fe), क्रोमियम (Cr) और टाइटेनियम (Ti) की मौजूदगी का भी का खुलासा हुआ था। चांद की सतह पर मैंगनीज (Mn) और सिलिकॉन (C) की उपस्थिति का भी पता चला है।

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