इसरो के गगनयान मिशन के लिए चुने गए चार भारतीय अतंरिक्ष यात्रियों को कड़ी ट्रेनिंग से गुजरना पड़ रहा है। इन अंतरिक्षयात्रियों की सिमुलेटर्स, गुरुत्वाकर्षण रहित माहौल की ट्रेनिंग, फ्लाइंग प्रैक्टिस और योग आदि की ट्रेनिंग हो रही है। इसरो ने चारों अंतरिक्ष यात्रियों की पहचान का खुलासा मंगलवार को किया है। जिनमें ग्रुप कैप्टन प्रशांत बालकृष्णन नायर, ग्रुप कैप्टन अजीत कृष्णन, ग्रुप कैप्टन अंगद प्रताप और विंग कमांडर शुभांशु शुक्ला का नाम शामिल है।
भारत के चारों अंतरिक्ष यात्रियों को दी जा रहीं ये ट्रेनिंग
इन चारों अंतरिक्ष यात्रियों की ट्रेनिंग, इसरो के क्रू ट्रेनिंग फैसिलिटी में हो रही है। इसरो के सूत्रों ने बुधवार को बताया कि इन पायलट्स की एयरो मेडिकल, अंतरिक्ष में सर्वाइव और रिकवर करने की ट्रेनिंग दी जा रही है। साथ ही क्लासरूम ट्रेनिंग, फिजिकल फिटनेस ट्रेनिंग, सिमुलेटर ट्रेनिंग और फ्लाइट सूट की ट्रेनिंग हो रही है। अंतरिक्ष यात्रियों की ट्रेनिंग में अकादमिक कोर्स, गगनयान फ्लाइट सिस्टम की ट्रेनिंग, पैराबोलिक फ्लाइट ट्रेनिंग, रिकवरी ट्रेनिंग, सिमुलेटर ट्रेनिंग शामिल है। गगनयान मिशन संबंधी विशेष ट्रेनिंग फिलहाल भारत में हो रही है, इससे पहले भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों की रूस के गागरिन कॉस्मोनोट ट्रेनिंग सेंटर पर भी विशेष ट्रेनिंग हुई।
कई लेक्चर और शारीरिक ट्रेनिंग हुई
पहले सत्र में अंतरिक्ष यात्रियों की क्रू ट्रेनिंग हुई, जिसमें 39 क्रू ट्रेनिंग गतिविधियां हुईं। जिसमें क्रू सदस्यों के 218 लेक्चर हुए, जो इसरो और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस के 40 वैज्ञानिकों द्वारा दिए गए। इनके अलावा 75 शारीरिक ट्रेनिंग सेशन, फ्लाइंग प्रैक्टिस, मेडिकल टेस्ट भी हुए। इसरो के अधिकारियों ने बताया कि क्रू सदस्यों की इंडिपेंडेंट ट्रेनिंग सिमुलेटर, वर्चुअल रियल्टी ट्रेनिंग सिमुलेटर, डायनैमिक ट्रेनिंग सिमुलेटर, स्टैटिक मॉक-अप सिमुलेटर की ट्रेनिंग होगी, जिससे क्रू सदस्य मिशन की सभी परिस्थितियों में रहने में सक्षम रह पाएंगे। भारत में ट्रेनिंग के बाद भारतीय अंतरिक्ष यात्री अगले स्तर के प्रशिक्षण के लिए अमेरिका जाएंगे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, चारों अंतरिक्ष यात्रियों को नासा के जॉनसन स्पेस सेंटर, टेक्सास में प्रशिक्षण मिलेगा।