वैज्ञानिक नांबी नारायणन को कथित रूप से फंसाने से संबंधित 1994 के इसरो जासूसी मामले में चार लोगों को अग्रिम जमानत देने के मामले में सुप्रीम कोर्ट में 25 मार्च को सुनवाई होगी। सुप्रीम कोर्ट ने केरल उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देने वाली सीबीआई की याचिका पर सुनवाई तय की है।
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता द्वारा मामले में स्थगन की मांग करने के बाद जस्टिस एएम खानविलकर और सीटी रविकुमार की पीठ ने मामले को स्थगित कर दिया और कहा कि उन्हें मामले में कुछ समय चाहिए। इस पर पीठ ने मामले पर 25 मार्च को सुनवाई के लिए तैयार हो गई।
हाईकोर्ट ने पिछले साल 13 अगस्त को गुजरात के पूर्व डीजीपी आरबी श्रीकुमार, केरल के दो पूर्व पुलिस अधिकारियों एस विजयन और टीएस दुर्गा दत्त और एक सेवानिवृत्त खुफिया अधिकारी पीएस जयप्रकाश को मामले के संबंध में अग्रिम जमानत दे दी थी। श्रीकुमार उस समय आईबी के उप निदेशक थे। शीर्ष अदालत ने पिछले साल नवंबर में मामले में दायर सीबीआई की अर्जी पर नोटिस जारी किया था।
वैज्ञानिक नारायणन को सीबीआई द्वारा क्लीन चिट दे दी गई थी। सीबीआई ने अपनी जांच में कहा था कि नारायणन की अवैध गिरफ्तारी के लिए केरल के तत्कालीन शीर्ष पुलिस अधिकारी जिम्मेदार थे।