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ISRO: 'अधिक महिला अंतरिक्ष यात्री मेरी योजना का हिस्सा'; एस सोमनाथ ने विजयदशी पर महिला सशक्तिकरण पर दिया जोर

Tue, 24 Oct 2023 04:36 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम

सार

हाल ही में इसरो प्रमुख ने कहा था कि भविष्य में मानवयुक्त मिशनों में महिला लड़ाकू टेस्ट पायलटों को अंतरिक्ष में भेजा जाएगा। उन्होंने साफ किया कि गगनयान में फिलहाल महिला पायलटों को भेजने की संभावना बहुत कम है, क्योंकि कोई महिला टेस्ट पायलट हैं ही नहीं। भविष्य में जब वे उपलब्ध होंगी, तब उन्हें ही प्राथमिकता दी जाएगी।
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इसरो प्रमुख एस सोमनाथ - फोटो : विकीपीडिया
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विस्तार
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भारत अंतरिक्ष के क्षेत्र में नित नए कीर्तिमान गढ़ रहा है। हाल ही में भारत ने चंद्रयान-3 के बाद गगनयान क्रू मॉड्यूल की सुरक्षित लैंडिंग के लिए टीवी डी-1 उड़ान का परीक्षण किया था। इन अंतरिक्ष मिशनों में महिला वैज्ञानिकों की भी अहम भूमिका थी। अब इसरो प्रमुख एस सोमनाथ ने अंतरिक्ष अभियानों में महिला प्रतिनिधित्व को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भविष्य में गगनयान मिशन में अधिक महिला अंतरिक्ष यात्रियों को शामिल करना मेरी योजना है। 

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केरल के  तिरुवनंतपुरम में पूर्णमासी कावु मंदिर में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने इसरो प्रमुख ने अपनी यह इच्छा जाहिर की। विजयादशमी पर विद्यारंबम समारोह के मौके पर उन्होंने कहा कि चूंकि इस गगनयान मिशन के लिए अंतरिक्ष यात्रियों का चयन और प्रशिक्षण पहले ही किया जा चुका है,ऐसे में गगनयान के उद्घाटन मिशन में अधिक महिलाओं की भागीदारी संभव नहीं होगी। हालांकि भविष्य में होने वाले अंतरिक्ष मिशन और गगनयान मिशन में और अधिक महिला अंतरिक्ष यात्रियों को शामिल करने की मेरी इच्छा है। उन्होंने यह भी कहा कि पीएम मोदी भी महिलाओं के अधिक प्रतिनिधित्व पर जोर देते हैं। 

इससे पहले, उन्होंने कहा था कि भविष्य में मानवयुक्त मिशनों में महिला लड़ाकू टेस्ट पायलटों को अंतरिक्ष में भेजा जाएगा। उन्होंने साफ किया कि गगनयान में फिलहाल महिला पायलटों को भेजने की संभावना बहुत कम है, क्योंकि कोई महिला टेस्ट पायलट हैं ही नहीं। भविष्य में जब वे उपलब्ध होंगी, तब उन्हें ही प्राथमिकता दी जाएगी।
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 बता दें कि करीब 9 हजार करोड़ रुपए खर्च करके भारत 3 अंतरिक्ष यात्रियों को तीन दिन के लिए अंतरिक्ष में भेजने के लिए गगनयान मिशन पर काम कर रहा है। इसके सभी पक्षों और खासतौर पर अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षा को लेकर खास ध्यान रखा जा रहा है। शनिवार को ही पहला गगनयान उड़ान परीक्षण हुआ, जिसमें क्रू-एस्केप मॉड्यूल को सफलता से परखा गया। मिशन साल 2024 के आखिर या 2025 में भेजा जा सकता है। 

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