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देश-दुनिया: जयशंकर की यात्रा से पहले इस्राइल ने भारत को बताया सबसे करीबी मित्र, क्या पेगासस पर होगी चर्चा?

Sat, 16 Oct 2021 09:17 AM IST
संजीव कुमार झा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, येरुशलम

सार

इस्राइली विदेश मंत्रालय का यह बयान विदेश मंत्री एस जयशंकर की इजरायल यात्रा से पहले आया है। जयशंकर 17 अक्तूबर को इस्राइल के दौरे पर जाने वाले हैं।
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डॉ. एस. जयशंकर - फोटो : ANI
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विस्तार
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इस्राइली विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को दशहरे की शुभकामनाएं देते भारत को अपना रणनीतिक साझेदार और सबसे करीबी मित्र बताया। इस्राइली विदेश मंत्रालय का यह बयान विदेश मंत्री एस जयशंकर की इजरायल यात्रा से पहले आया है। राजदूत और इजरायली विदेश मंत्रालय में महानिदेशक एलन उशपिज ने ट्वीट कर दशहरे की शुभकामनाएं दी और विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर की 17 अक्तूबर की होने वाली इस्राइल यात्रा की पुष्टि की। वहीं जयशंकर की यात्रा के दौरान पेगासस जासूसी कांड पर भी चर्चा होने की संभावना है।

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उशपिज ने ट्वीट करते हुए कहा कि जयशंकर की अहम इस्राइल यात्रा की पूर्व संध्या पर आप सभी को दशहरा की शुभकामनाएं। भारत रणनीतिक साझेदार और करीबी मित्र है। जयशंकर अपनी इजराइल यात्रा के दौरान राष्ट्रपति इसाक हर्जोग, प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट और विदेश मंत्री गबी अश्केनजी सहित इजरायल के शीर्ष नेताओं से मिलेंगे।

गौरतलब है कि अगस्त में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने इस्राइली समकक्ष बेनेट के साथ बात की थी और दोनों नेताओं ने सहयोग को और विस्तारित करने की क्षमता पर सहमति व्यक्त की थी और निर्णय लिया था कि दोनों देशों के विदेश मंत्रालय भारत-इस्राइल रणनीतिक साझेदारी को और समृद्ध करने के लिए एक रोडमैप तैयार करने पर काम करेंगे। वहीं इससे पहले टेलीफोन पर बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने जून में इस्राइल के प्रधानमंत्री के रूप में पद संभालने के लिए बेनेट को दुबारा बधाई दी थी। प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि भारत कृषि, जल, रक्षा और सुरक्षा और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में इजरायल के साथ अपने मजबूत सहयोग को बहुत महत्व देता है।
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पेगासस मामले के मद्देनजर विदेश मंत्री का दौरा अहम 
भारत में पेगासस जासूसी कांड अब भी एक मुद्दा बना हुआ है। विपक्षी पार्टी इसे लेकर जहां लगातार सरकार को घेर रही है वहीं जयशंकर का दौरा भी अहम माना जा रहा है। जानकारी के मुताबिक डॉ. जयशंकर इस मुद्दे को इस्राइली सरकार के सामने रख सकते हैं। 

जानिए क्या है पेगासस जासूसी मामला
यह मामला सरकारी एजेंसियों द्वारा प्रतिष्ठित नागरिकों, राजनेताओं और लेखकों पर इस्राइली फर्म एनएसओ के स्पाइवेयर पेगासस का उपयोग करके कथित तौर पर जासूसी की रिपोर्ट से संबंधित हैं। एक अंतरराष्ट्रीय मीडिया संघ ने बताया है कि 300 से अधिक सत्यापित भारतीय मोबाइल फोन नंबर पेगासस स्पाइवेयर का उपयोग करके निगरानी के संभावित लक्ष्यों की सूची में थे।

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