सोशल मीडिया पर रखी जा रही है नजर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस्राइल और हमास की जंग में भारत का रुख स्पष्ट कर दिया है। उन्होंने कहा, इस्राइल पर आतंकवादी हमला हुआ है। इस मुश्किल घड़ी में भारत, इस्राइल के साथ खड़ा है। इसके बाद सोशल मीडिया पर दो समुदायों के लोगों के बीच बहस छिड़ गई। इस मामले में भाजपा और कांग्रेस के स्टैंड को लेकर लोगों ने कई तरह के कमेंट कर दिए। भाजपा द्वारा खुले तौर पर इस्राइल का समर्थन किया जा रहा है। कांग्रेस की तरफ से नपा तुला बयान जारी किया गया। कांग्रेस ने एक्स पर लिखा, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस इस्राइल के निर्दोष नागरिकों पर हुए हमलों की कड़े शब्दों में निंदा करती है। कांग्रेस का सदैव मानना रहा है कि आत्म सम्मान, समानता और गरिमापूर्ण जीवन के लिए फलस्तीनी लोगों की वैध आकांक्षाओं को इस्राइल के वैध राष्ट्रीय सुरक्षा हितों को सुनिश्चित करते हुए केवल बातचीत की प्रक्रिया के माध्यम से पूरा किया जाना चाहिए। किसी भी प्रकार की हिंसा कभी भी कोई समाधान नहीं दे सकती है और इसे रोकना चाहिए।
भारतीय नेताओं और अराफात के फोटो शेयर
सोशल मीडिया पर अटल बिहारी वाजपेयी का 46 साल पुराना एक वीडियो क्लिप जारी किया गया। उसमें वाजपेयी कह रहे हैं कि अरबों की जिस जमीन पर इस्राइल कब्जा करके बैठा है, वह जमीन उसको खाली करनी होगी। इतना ही नहीं, लोगों ने फिलिस्तीन मुक्ति संगठन (पीएलओ) के मुखिया रहे यासिर अराफात के भारतीय नेताओं इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के साथ फोटो एवं वीडियो शेयर किए। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी, फिलिस्तीनी नेता यासिर अराफात को राखी बांधती थीं। वे भी इंदिरा गांधी को अपनी बहन मानते थे। यासिर अराफात को शांति के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। सोशल मीडिया पर लोग कमेंट लिख रहे थे कि पहले भारत, फिलिस्तीन का समर्थन करता था। अब भारत, इस्राइल के हक में आवाज बुलंद कर रहा है। भारत में इस्राइल के राजदूत नाओर गिलोन ने भी कहा, भारत के भीतर से इस्राइल को जोरदार समर्थन मिल रहा है। इसे लेकर वे शुक्रगुजार हैं।