इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कार्पोरेशन (आईआरसीटीसी) भ्रष्टाचार के मामले में सीबीआई ने बुधवार को पटियाला हाउस कोर्ट में 20,000 पन्नों का दस्तावेज दाखिल किया है। इस दस्तावेज में लालू यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव सहित 11 लोगों के खिलाफ दस्तावेज दाखिल किया है। वहीं दूसरी तरफ लालू यादव को अपने बड़े बेटे की शादी में शामिल होने के लिए पांच दिन का पेरोल दिया गया है। बताया जा रहा है कि आज लालू यादव रांची से पटना के लिए रवाना हो सकते हैं।
बेटे तेज प्रताप की शादी में शामिल होने के लिए लालू ने मांगी थी पैरोल
बता दें कि लालू ने पांच दिन की पेरोल मांगी थी। लालू के वकील और उनके करीबी सहयोगी ने इस बात की जानकारी दी थी। तेज प्रताप यादव और पूर्व मंत्री चंद्रिका राय की बेटी ऐश्वर्या पटना में 12 मई को परिणय सूत्र में बंधने वाले हैं।
लालू के करीबी विधायक भोला यादव ने बताया था कि लालू प्रसाद यादव ने पुलिस महानिरीक्षक जेल के समक्ष सोमवार को 10 मई से 14 मई तक पैरोल के लिए आवेदन किया है।
उल्लेखनीय है कि लालू प्रसाद यादव ने पिछले हफ्ते भी अस्थायी जमानत के लिए झारखंड उच्च न्यायालय के समक्ष आवेदन दिया था। हालांकि वकीलों की हड़ताल की वजह से इस पर सुनवाई 11 मई तक के लिए स्थगित हो गई थी। यही वजह है कि इस बार लालू ने पुलिस महानिरीक्षक जेल के समक्ष इस बारे में अपना आवेदन दिया है।
20 हजार पन्नों का दस्तावेज दाखिल
बता दें कि इससे पहले आईआरसीटीसी में भ्रष्टाचार के मामले में सीबीआई ने पूर्व रेल मंत्री और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव समेत 14 अन्य के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी। यह पूरा मामला आईआरसीटीसी के दो होटलों की देखरेख का ठेका एक निजी कंपनी को देने से जुड़ा था। बता दें कि इस मामले में सीबीआई लगातार राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव से पूछताछ करती रही है।
सीबीआई को कोर्ट ने लगाई थी फटकार
इससे पहले IRCTC घोटाले पर दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने सीबीआई को जमकर फटकार लगाई थी। बता दें कि कोर्ट ने सीबीआई से पूछा था कि जब कागजात तैयार ही नहीं थे तब आपने चार्जशीट क्यों लगा दी। सीबीआई ने आईआरसीटीसी घोटाले में कोर्ट को मामले से जुड़े कागजात जमा करने के लिए कुछ और समय की मांग की थी। सीबीआई ने कहा कि हमें अभी कुछ कागजातों पर संबंधित विभाग से मंजूरी लेना है। सीबीआई ने 9 मई तक का कोर्ट से समय मांगा था।
यह मामला आईआरसीटीसी द्वारा रांची और पुरी में चलाए जाने वाले दो होटलों की देखरेख का काम सुजाता होटल्स नाम की कंपनी को देने से जुड़ा है। विनय और विजय कोचर इस कंपनी के मालिक हैं। इसके बदले में कथित तौर पर लालू को पटना में बेनामी संपत्ति के रूप में तीन एकड़ जमीन मिली।
इस मामले में दायर एफआईआर में कहा गया था कि लालू ने निजी कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए अपने पद का दुरुपयोग किया। इसके बदले में उन्हें एक बेनामी कंपनी डिलाइट मार्केटिंग की ओर से बेशकीमती जमीन मिली।
सुजाता होटल को ठेका मिलने के बाद 2010 और 2014 के बीच डिलाइट मार्केटिंग कंपनी का मालिकाना हक सरला गुप्ता से राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव के पास आ गया। हालांकि इस दौरान लालू रेल मंत्री के पद से इस्तीफा दे चुके थे।