रेलवे बोर्ड के निर्देश पर आईआरसीटीसी एक बार फिर से रेलवे की यात्री सुविधा कमेटी ट्रेनों में ऑन बोर्ड कैटरिंग सर्विस के साथ-साथ अन्य दूसरी सुविधाएं शुरू करने जा रही है। साल 2020 में ट्रेनों में कोरोना की पहली लहर के बाद से ही पेंट्री की केटरिंग पर रोक लगी हुई है। अब 18 महीने बाद इसे फिर से शुरू किया जा सकता है।
ट्रेनों में खाना खाने के लिए यात्रियों को अलग से कोई बुकिंग नहीं करानी होगी। रेलवे की प्रीमियम ट्रेनों में टिकट के साथ ही खाने-पीने की सुविधा मिलेगी, जबकि दूसरी ट्रेनों में यात्री पहले की तरह पेमेंट देकर पेंट्री से खाना लेकर खा सकेंगे।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ यात्री सुविधा समिति की होगी बैठक
आईआरसीटीसी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक 25 या 26 अक्तूबर तक यात्री सुविधा समिति की बैठक रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ होनी है। इसमें ट्रेन में खाने के साथ बाकी सेवाओं को फिर से शुरू करने को लेकर चर्चा होगी। इस बैठक में रेलवे बेस किचन, ऑन बोर्ड कैटरिंग सर्विस शुरू करने पर निर्णय लिया जा सकता है। इसको लेकर विभाग और मंत्रालय को एक प्रेजेंटेशन भी दिया गया है।
केवल 30 प्रतिशत लोग ही ट्रेनों में खरीद रहे खाना
कोरोना महामारी के दौरान रेल में सफर करने वाले यात्रियों की सुविधा को देखते हुए रेलवे बोर्ड के निर्देश पर आईआरसीटीसी ने ट्रेनों में रेडी टू ईट फूड देने की शुरुआत की थी, लेकिन ज्यादातर यात्रियों को रेडी टू ईट फूड पसंद नहीं आ रहा था। जिसकी शिकायतें कई बार आईआरसीटीसी को भी मिली हैं।
रेलवे की मुख्य शाखा आईआरसीटीसी के पास कैटरिंग और टूरिज्म का कोर बिजनेस है। पहले के मुकाबले महज 30 फीसदी ट्रेनों में लोग खाना खरीदना पसंद कर रहे हैं। मसलन पहले किसी ट्रेन के फेरे में 5 लाख तक की बिक्री होती थी तो अब वह घटकर महज 1.5 लाख रुपये की रह गई है। आईआरसीटीसी 19 राजधानी, 2 तेजस, 1 गतिमान, 1 वंदे भारत, 22 शताब्दी, 19 दूरंतो और 296 मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों में कैटरिंग सर्विस देती है।