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अजब संयोग: 1984 बैच के इन आईपीएस अफसरों को मिली महत्वपूर्ण संस्थानों की कमान

Fri, 28 Jun 2019 04:12 PM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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भारतीय पुलिस सेवा - फोटो : सोशल मीडिया
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इंटेलिजेंस ब्यूरो और रॉ के नए मुखिया की बुधवार को नियुक्ति हुई। ये दोनों ही 1984 बैच के आईपीएस अधिकारी रहे हैं। इस बैच के अधिकारी काफी भाग्यशाली हैं कि सरकार ने उनपर विश्वास जताते हुए पुलिस अधिकारियों के लिए हाई प्रोफाइल माने जाने वाले पदों पर नियुक्त किया है।

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दो इंटेलिजेंस प्रतिष्ठानों के अलावा 1984 बैच के आईपीएस अधिकारी छह और मुख्य एजेंसियों- एनआईए, बीएसएफ, सीआईएसएफ, आईटीबीपी, एनएसजी और ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी की कमान संभाल रहे हैं। इस बैच के बहुत से अधिकारी राज्य के डीजीपी, केंद्र में डीजीपी या डीजीपी के बराबर पद पर काबिज हैं।

2017 में असम-मेघालय काडर के अधिकारी वाईसी मोदी की राष्ट्रीय जांच एजेंसी के महानिदेशक के तौर पर नियुक्ति की गई। जनवरी 2018 में तेलंगाना काडर के अधिकारी सुदीप लखटकिया को राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड का महानिदेशक बनाया गया। तीन महीने बाद 1984 बैच के ही बिहार काडर के अधिकारी राजेश रंजन की नियुक्ति केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के महानिदेशक के तौर पर हुई। सीआईएसफ में नियुक्ति होने से पहले रंजन बीएसएफ में स्पेशल डीजी का पद संभाल रहे थे।
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पांच महीने बाद उत्तर प्रदेश काडर के अधिकारी रजनीकांत मिश्रा को बीएसएफ का मुखिया बनाया गया। एक महीने बाद हरियाणा काडर के अधिकारी एसएस देसवाल को इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस का मुखिया नियुक्त किया गया। पिछले साल अक्तूबर में आईटीबीपी का मुखिया बनाने से पहले देसवाल एसएसबी के मुखिया थे।

वहीं जनवरी में गुजरात काडर के आईपीएस अधिकारी राकेश अस्थाना को ब्यूरो ऑफ सिविस एविएशन सिक्योरिटी का महानिदेशक बनाया गया है। 1984 के बैच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विश्वास कायम है। यही वजह है कि बुधवार को पंजाब काडर के सामंत गोयल को रॉ और उनके बैचमेट असम-मेघालय काडर के अरविंद कुमार को आईबी का निदेशक बनाया गया है।

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