दिवाली की अगली सुबह दिल्ली में कुछ ऐसा रहा हाल
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कोरोना वायरस महामारी के चलते पिछले दो साल बिना धूमधाम के बीती दिवाली इस बार काफी उत्साह के साथ मनाई गई। लेकिन, इसके चलते प्रदूषण में भी काफी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में शुक्रवार की सुबह वायु गुणवत्ता सूचकांक (एयर क्वालिटी इंडेक्स या एक्यूआई) 999 पर पहुंच गया। यहां खास बात ये है कि एक्यूआई को अधिकतम 999 तक ही दर्ज किया जा सकता है। प्रदूषण के इस हालात को अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने भी प्रमुखता से जगह दी।
बीबीसी ने लिखा है कि दीपावली के बाद हवा की गुणवत्ता खतरनाक स्तर कर गिर गई है। इसके चलते भारत की राजधानी नई दिल्ली के आसमान का रंग बदल गया। प्रतिबंध के बावजूद लोगों ने पटाखे जलाए जिससे प्रदूषण का स्तर गंभीर हो गया है। गाड़ियों और उद्योगों से निकलने वाले धुंए, धूल और मौसम के हाल ने नई दिल्ली को दुनिया की सबसे प्रदूषित राजधानी बना दिया है।
वहीं, दि इंडिपेंडेंट की रिपोर्ट में कहा गया कि दिवाली के बाद दिल्ली की हवा जहरीली हो गई है। यहां लोगों को सांस लेने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा आंखों में पानी आने और तेज सिरदर्द की समस्याओं से भी यहां के लोग दो-चार हो रहे हैं। रिपोर्ट में इस स्थिति के पीछे की वजह दिवाली पर जलाए गए पटाखों व अन्य कारणों को जिम्मेदार बताया गया है।
दि गार्डियन ने भी दिल्ली में प्रदूषण के हालात को प्रमुखता से जगह दी है। इसकी रिपोर्ट में कहा गया है कि दिवाली की अगली सुबह दिल्ली के वासियों के लिए प्रदूषण की सालाना तस्वीर भी लेकर आई। यहां हवा की गुणवत्ता का स्तर अब खतरनाक स्थिति में पहुंच गया है और दिल्ली का आसमान भूरे रंग के स्मॉग से भरा हुआ है। किसी भी राजधानी के मुकाबले दिल्ली सबसे प्रदूषित है।