देश के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल को लेकर कर्नाटक कांग्रेस के दिग्गज नेताओं की बातचीत एक कैमरे ने स्वत: रिकॉर्ड कर ली। इस रोचक बातचीत का वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें कर्नाटक कांग्रेस के नेता व पूर्व मंत्री डीके शिवकुमार और पूर्व सीएम सिद्धारमैया की पटेल को लेकर चर्चा हो रही है। भाजपा ने इसे लेकर देश की सबसे पुरानी पार्टी पर आरोप लगाया है। भाजपा ने कहा कि जेपी नड्डा के नेतृत्व वाली पार्टी के डर से कांग्रेस देश के पहले गृह मंत्री के प्रति सम्मान दिखा रही है।
डीके शिवकुमार व पूर्व सीएम सिद्धारमैया के 1.15 मिनट के वायरल वीडियो में कथित तौर पर दोनों नेताओं के बीच बातचीत है। दोनों नेता बेंगलुरू में कांग्रेस कार्यालय में 31 अक्तूबर को आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में बैठे थे। इस दिन पूर्व पीएम इंदिरा गांधी की पुण्य तिथि व सरदार पटेल का जन्मदिन होता है।
कार्यक्रम में जब कैमरे चालू थे तब मेज पर रखे माइक ने दोनों नेताओं की बातचीत को पकड़ लिया। वीडियो में, सिद्धारमैया को कार्यक्रम की शुरुआत में शिवकुमार को याद दिलाते हुए देखा जा सकता है कि आज के दिन पटेल का जन्मदिन भी होता है।
जवाब में, शिवकुमार कहते हैं, 'यह है, सर, लेकिन यह दिन (इंदिरा की पुण्यतिथि) है और उनका जन्मदिन (पटेल का) है। हम उनके चित्र एक साथ नहीं रखते हैं। इसके बाद सिद्धारमैया को कहते हैं 'लेकिन, क्या होता है, बीजेपी इसका फायदा उठाएगी।' इस पर शिवकुमार जवाब देते हैं, 'हां...लेकिन हमने कभी नहीं रखा (चित्र अब तक एक साथ)।'
फिर वीडियो को तेजी से फॉरवर्ड किया जाता है जिसमें शिवकुमार एक पार्टी कार्यकर्ता से पूछते हैं कि क्या पटेल का चित्र है। वह उसे लाने का निर्देश देते हैं। फिर वह सिद्धारमैया से कहते हैं, वह इंदिरा गांधी के बगल में पटेल का चित्र लगाएंगे, जिस पर पूर्व सीएम कहते हैं, 'यह अच्छा होगा।' शिवकुमार तब पटेल के चित्र के लिए जगह देखते हैं और सिद्धारमैया सहित कर्नाटक के सभी नेताओं ने पटेल की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित करते हैं।
भाजपा के डर से पटेल का सम्मानत करती है कांग्रेस
भाजपा ने यह वीडियो शेयर करते हुए आरोप लगाया कि बीजेपी के डर से कांग्रेस सरदार पटेल का सम्मान करती है। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव सीटी रवि ने ट्वीट किया 'अगर किसी को इस बारे में संदेह है कि नेहरू परिवार सरदार पटेल से कितनी नफरत करता था, तो यह वीडियो स्पष्ट करता है। कांग्रेस नेता सिद्धारमैया और शिवकुमार भाजपा से डरकर इंदिरा गांधी की तस्वीर के साथ सरदार पटेल की तस्वीर लगाने के लिए सहमत हुए। यह शर्म की बात है कि ये इतने गुलाम हैं, एक इतालवी से बहुत डरते हैं।'