देश के पहले चीफ आफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत की हेलीकॉप्टर दुर्घटना मामले में कल यानी शुक्रवार को बड़ी खबर आ सकती है। ,समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक हादसे की जांच के लिए बनाई गई तीनों सेनाओं की जांच टीम सरकार को अपनी रिपोर्ट 31 दिसंबर सौंप सकती हैं। जांच का नेतृत्व एयर मार्शल मानवेंद्र सिंह कर रहे हैं। इसमें सेना और नौसेना के दो ब्रिगेडियर रैंक के अधिकारी भी शामिल हैं।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, अधिकारियों ने आठ दिसंबर को हुए हादसे की विस्तार से छानबीन की है। इसके बाद विस्तृत रिपोर्ट भी तैयार कर ली गई है। इसमें ब्लैक बॉक्स से प्राप्त आंकड़ों का विश्लेषण भी किया गया है। सूत्रों की मानें तो मामले की प्रारंभिक जांच से पता चला है कि दुर्घटना अचानक हुई थी। जांच में मूल उपकरण निर्माताओं की भी मदद मांगी गई थी।
भारतीय वायु सेना के मुताबिक, रिपोर्ट को अंतिम रूप देकर जमा करना बाकी है। इस हादसे में देश ने अपने सबसे वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले जनरल को खो दिया था।
इससे पहले तमिलनाडु के कुन्नूर में हादसे का शिकार हुए एमआई-17 में देश के पहले सीडीसी जनरल बिपिन रावत का निधन हो गया था। इसके अलावा उनकी पत्नी मधुलिका समेत 12 लोगों की भी जान चली गई थी। इसके बाद संसद के दोनों सदनों में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने बयान दिया था। उन्होंने बताया था कि जनरल रावत अपने तय दौरे पर थे। आठ दिसंबर को 11.48 बजे एमआई-17 हेलीकॉप्टर से उड़ान भरी। एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने लगभग 12:08 बजे अपना नियंत्रण खो दिया। स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना प्रशासन को दी।
तत्काल स्थानीय प्रशासन का बचाव दल घटनास्थल पर पहुंचा और राहत बचाव कार्य में जुट गया। उस अवशेष से जितने भी लोगों को निकाला गया, उन्हें वेलिंगटन के सैन्य अस्पताल पहुंचाया गया। हादसे में 14 में से 13 लोगों का वहीं पर निधन हो गया। राजनाथ सिंह ने बिपिन रावत, उनकी पत्नी मधुलिका रावत और 11 सैन्य अधिकारियों की मौत पर संवेदना प्रकट की थी।