फरवरी अंत में, कई अमेरिकी शहरों में लॉकडाउन लगने और कोरोना के राष्ट्रीय आपदा से पहले कैरी रॉसन की तबीयत खराब होने लगी। रॉसन ने बताया कि शुरुआत में बीमारी के दौरान फ्लू जैसा महसूस होता था। रॉसन को पहले से अस्थमा की दिक्कत थी।
41 वर्ष की रॉसन फ्लोरिडा में अपने दो बच्चों के साथ रहती हैं। रॉसन को 11 दिन बुखार रहा और उनके बच्चों में भी तापमान ज्यादा दिखने लगा। रॉसन के बेटे के शरीर का तापमान 102 डिग्री रहा जो हालांकि कुछ दिनों में सामान्य हो गया लेकिन उनकी बेटी को गले छीलने जैसी खांसी होने लगी, डॉक्टर ने बेटी को ब्रोंकाइटिस बताया।
रॉसन ने बताया कि तब पहली बार कोविड-19 के बारे में डॉक्टर से चर्चा हुई थी। छह मार्च तक रॉसन को बुखार और सीने में दर्द रहने लगा। उस समय फ्लोरिडा में करीब कोरोना के दस मामले थे। डॉक्टर ने रॉसन ने यात्रा और संपर्क के बारे में पूछा, ना में जवाब मिलने पर डॉक्टर ने कहा कि हम सीडीसी के दिशा निर्देशों के आधार पर काम करते हैं इसलिए टेस्ट नहीं कर सकते।
रॉसन ने राजकीय स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय स्वास्थ्य विभाग दोनों से संपर्क किया लेकिन जवाब में यही मिला कि कोई यात्रा और किसी कोरोना मरीज से संक्रमित नहीं है इसलिए टेस्ट नहीं करेंगे। हालांकि रॉसन गंभीर रूप से बीमार भी नहीं थी।
अगले कुछ हफ्तों में रॉसन की हालत बिगड़ती गई। रॉसन का ब्लड प्रेशर बढ़ गया, दिल की धड़कने बढ़ गईं और सांस लेने में दिक्कत होने लगी। रॉसन ने अपने पारिवारिक डॉक्टर से बात की और कहा कि उन्हें कोरोना होने की संभावना नजर आती है।
डॉक्टर ने उनको इमरजेंसी कमरे में भर्ती किया। रॉसन ने बताया कि वहां पर डॉक्टर ने सभी तरह के टेस्ट किए लेकिन कोरोना का टेस्ट नहीं किया। रॉसन को खुद में कोरोना के लक्षण दिखे दो हफ्तों से ज्यादा हो गया था लेकिन अब तक कोविड-19 का टेस्ट नहीं हुआ।
12 मार्च को कैरी रॉसन का सीटी स्कैन हुआ, डॉक्टर ने बताया कि रॉसन को बाइलैटरल निमोनिया हुआ है। रॉसन के सीटी स्कैन रिपोर्ट में बताया गया कि रॉसन के फेफड़ों में ग्रे रंग के धब्बे से दिखाई दे रहे हैं, जो कोविड-19 के मरीजों में देखा जाता है।
13 मार्च को रॉसन को आइसोलेशन वार्ड में रखा गया और दो अलग तरह की एंटीबॉडी दी गई। इसके बाद रॉसन नाक और गले के जरिए कोरोना का टेस्ट हुआ छह घंटे बाद टेस्ट का परिणाम नकारात्मक आता है। हालांकि रॉसन को लगा था कि टेस्ट का परिणाम गलत आया है।
कुछ समय बाद रॉसन को आइसोलेशन वार्ड से बाहर कर पर्यवेक्षण कक्ष में रख दिया। 14 मार्च को कैरी रॉसन अपने घर चली गईं, जहां वो अकेले निमोनिया, न्यूरोलॉजिकल समस्याएं और नींद की परेशानी से जूझने लगी। अप्रैल के मध्य तक रॉसन की तबियत में कोई सुधार नहीं दिखा।