भारत की तीनों थल सेना, नौ सेना और वायु सेना ने देश के पहले सिमुलेटेड (नकली) अंतरिक्ष युद्धाभ्यास शुरू किया। गुरूवार से शुरू हुए इस दो दिवसीय युद्धाभ्यास को "IndSpaceEx" नाम दिया गया है।
रक्षा मंत्रालय के सूत्रों ने बताया, "इसमें बड़ी संख्या में तीनों सेनाओं से सैनिक, डीआरडीओ, शिक्षण क्षेत्र और थिंक टैंक के हितधारकों ने हिस्सा लिया।"
यह अभ्यास व्यापक रूप से टेबल-टॉप वार गेम पर आधारित है। इसका मकसद भारतीय सशस्त्र बलों का धरती से बाहर होने वाले संभावित युद्ध को देखते हुए अपने रणकौशल को निखारना है। इसके साथ ही भविष्य में आने वाले खतरों से निपटने के लिए संयुक्त अंतरिक्ष मसौदा भी तैयार किया जाएगा।
रक्षा मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले त्रिकोणीय सेवा एकीकृत रक्षा स्टाफ दो दिवसीय युद्धाभ्यास में अंतरिक्ष में मार करने की अपनी क्षमताओं को जांचेगा।
चीनी अंतरिक्ष कार्यक्रम और उसके धरती के बाहर मार करने की क्षमताओं में लगातार वृद्धि करने के कारण भारत के लिए इस तरह का युद्धाभ्यास करना आवश्यक हो गया था।
भारत, चीन जैसे देशों से अपनी अंतरिक्ष संपत्ति पर संभावित खतरों का मुकाबला करने की आवश्यकता पर विचार कर रहा है।
इस साल जून में सरकार ने एक नई एजेंसी बनाने की स्वीकृति दी थी जिसका उद्देश्य अत्याधुनिक हथियार प्रणाली और तकनीक के साथ ही सैन्य बलों के अंतरिक्ष में युद्ध करने की क्षमता को विकसित करना है।