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इंदौर : डबल एमए पास वृद्धा के पैर में कीड़े बिलबिला रहे थे पर हाथ जोड़कर क्या कहा-जानिए जरा

Mon, 15 Feb 2021 06:09 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
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बिजासन के पास सड़क किनारे लेटी पुष्पा बाई - फोटो : Social Media
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मध्य प्रदेश के इंदौर में दिल को झकझोरने वाला मामला सामने आया है। शहर के प्रतिष्ठित कन्या महाविद्यालय जीडीसी से डबल एमए पास यानी स्नातकोत्तर की दोहरी उपाधि प्राप्त करने का दावा करने वाली एक वृद्धा बिजासन टेकरी के समीप सड़क किनारे पड़ी थी। उसके पैर में कीड़े लगे हुए थे। वह दर्द से छटपटा रही थी। कुछ समाजसेवी उसे जब अस्पताल ले जाने की कोशिश करने लगे तो वह हाथ जोड़कर बोलीं-बड़े अस्पताल मत ले जाना, वहीं के कसाइयों ने मेरा यह हाल किया है।

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इस बारे में इंदौर के कलेक्टर मनीष सिंह का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।  लाचार वृद्धा ने पैर पर कंबल डाल रखा था, जैसे ही उसे हटाया गया तो पंजे में कीड़े बिलबिला रहे थे। गहरा जख्म था, जिसकी असह्य पीड़ा वह चुपचाप सह रही थी। गोल्ड कॉइन सेवा ट्रस्ट के कुछ कार्यकर्ताओं ने जब वृद्धा को प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल यानी एमवायएच ले जाने की कोशिश की तो उनका दर्द फूट पड़ा। 

मुझे रामबाग श्मशान घाट छोड़ दो
वृद्धा बोलीं-मैं नहीं जाऊंगी बड़े अस्पताल। वहां, नर्स और डॉक्टर ने मेरा पैर खराब कर दिया। मेरी मां का दो महीने पहले देहांत हो गया। मेरा पैर खराब होता है, तो हो जाने दो, लेकिन वहां नहीं जाना। मैं आपके पैर पड़ती हूं, अब अस्पताल नहीं जाना। मैं जहर खा लूंगी, लेकिन उन कसाइयों के यहां नहीं जाऊंगी। मुझे भले रामबाग श्मशान घाट पर छोड़ दो।
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वल्लभ नगर क्षेत्र की रहने वाली हैं पुष्पाबाई
वृद्धा ने बताया कि वह इंदौर के वल्लभ नगर क्षेत्र की रहने वाली हैं। गोल्ड कॉइन सेवा ट्रस्ट के कुछ कार्यकर्ताओं को लाचार वृद्धा के बिजासन टेकरी के समीप पड़े होने की सूचना मिली थी। कार्यकर्ता मदद के लिए उनके पास पहुंचे थे। 

फ्लैट पर रिश्तेदारों ने किया कब्जा
पुष्पा बाई की पूरी कहानी हैरान करने वाली है। पड़ताल में पता चला कि वल्लभ नगर में उसका घर था। बाद में वह बड़ा गणपति क्षेत्र में एक फ्लैट में रहने लगी। दो माह पहले मां की मौत के बाद फ्लैट पर रिश्तेदार ने कब्जा कर लिया। महिला की उम्र करीब 50 साल बताई जा रही है। इलाज के बाद महिला को वृद्धा आश्रम में रखा जाएगा। यह भी पता चला है कि पुष्पा बाई के पिता बाबू सिंह बंगलुरु में रहते हैं। मां सरकारी कर्मचारी थीं। 

निजी अरबिंदो अस्पताल में कराया भर्ती
आखिरकार उक्त कार्यकर्ताओं ने वृद्धा को समझा-बुझाकर इंदौर के निजी अस्पताल अरबिंदा में भर्ती कराया। वहां उनका इलाज शुरू हो गया है। अस्पताल के डॉक्टर नीरज कालीधर के अनुसार महिला के इलाज का पूरा खर्च हमारा अस्पताल उठाएगा। 

एमवायएच अधीक्षक ने कहा-महिला का रिकॉर्ड नहीं मिला
वृद्धा के आरोपों पर एमवाय अस्पताल के अधीक्षक पीएस ठाकुर का कहना है कि ऐसे लोगों के लिए अलग से सहारा वार्ड है। पुष्पा बाई के भर्ती होने का रिकॉर्ड नहीं मिला है। वह सहारा वार्ड में कभी भर्ती नहीं हुई। दूसरे वार्डों का रिकॉर्ड चेक करा रहे हैं। पता लाएंगे कि महिला का ट्रीटमेंट किसने किया। कब से कब तक एमवाय में रही है।

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