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India-US Ties: 'फिलहाल परीक्षा का समय, पर भरोसा बरकरार', ट्रंप युग में भारत-अमेरिका संबंध पर रणनीतिक विशेषज्ञ

Sat, 07 Jun 2025 04:23 AM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भारत-अमेरिका संबंधों पर विशेषज्ञों ने कहा कि यह संबंधों की परीक्षा का समय है, लेकिन भरोसा बना हुआ है। लेन-देन जैसे शब्दों से भ्रमित नहीं होना चाहिए। रक्षा, कूटनीति और रणनीतिक साझेदारी में निरंतरता है और दोनों देश आगे भी मिलकर काम करेंगे।

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भारत-अमेरिका। - फोटो : AI
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विस्तार
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भारत और अमेरिका के बीच वर्तमान रिश्तों को लेकर शुक्रवार को एक ऑनलाइन पैनल चर्चा हुई, जिसमें रणनीतिक मामलों के विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। दिल्ली और वॉशिंगटन स्थित थिंक टैंकों के प्रतिनिधियों ने  चर्चा में भाग लिया। इस चर्चा का आयोजन केंद्रीय लैंड वायफायर स्टीडज की तरस थे किया गया और इस चर्चा का विशेष था... भारत और अमेरिका: एक लेन-देन संबंधी संबंध पर बातचीत। चर्चा के दौरान कुछ विशेषज्ञों ने इसे एक ऐसा समय बताया जब भारत-अमेरिका संबंधों की परीक्षा हो रही है, वहीं कुछ ने 'लेन-देन वाले संबंध' जैसे शब्दों पर ज्यादा ध्यान न देने की सलाह दी।

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रिश्तों की मजबूती पर ज़ोर
वॉशिंगटन स्थित स्टिमसन सेंटर की वरिष्ठ फेलो एलिज़ाबेथ थ्रेलकेल्ड ने कहा कि भारत-अमेरिका के रिश्ते में निरंतरता और गति बनी हुई है। 2020 की गलवान घाटी की घटना के बाद भी यह संबंध मजबूत हुए थे और रक्षा साझेदारी में मजबूती आई थी।” उन्होंने आगे कहा कि “भविष्य में होने वाले क्वाड सम्मेलन जैसे अवसर, इस रिश्ते को आगे ले जाने में मदद करेंगे।

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बीजिंग की नजर और क्षेत्रीय स्थिरता

उसी थिंक टैंक के विशेषज्ञ डैनियल मार्के ने चर्चा में कहा कि भारत-पाक युद्ध जैसी स्थिति कोई भी देश नहीं चाहता। उन्होंने कहा कि न भारत, न पाकिस्तान, न अमेरिका और न ही चीन। यह एक बड़ी सकारात्मक बात है।
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लेन-देन वाले रिश्ते पर भ्रम न पालें
हडसन इंस्टीट्यूट, वॉशिंगटन की रिसर्च फेलो अपर्णा पांडे ने कहा कि पिछले 70 सालों में अमेरिका की नीतियां कई बार बदलीं, लेकिन भारत-अमेरिका संबंध टिके रहे। अगर वे तब बचे रहे, तो आज भी रहेंगे। उन्होंने कहा कि भारत को पिछले 35 वर्षों से अमेरिका की रणनीतिक उदारता (Strategic Altruism) का लाभ मिला है। अमेरिकी नीति-निर्माताओं का मानना है कि भारत का विकास खुद अमेरिका के लिए रणनीतिक और आर्थिक रूप से फायदेमंद है।

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